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निज्जर हत्याकांड: कनाडा पुलिस बोली- भारत सरकार की भूमिका का कोई सबूत नहीं, ट्रूडो के आरोपों से अलग दावा
Wed, 08 Jul 2026 07:20 PM IST
Pavan
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: Pavan
Updated Wed, 08 Jul 2026 07:20 PM IST
सार
कनाडा की रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस की उप आयुक्त लिसा मोरलैंड ने कहा कि जांच के दौरान भारत सरकार के किसी अधिकारी के शामिल होने का कोई प्रमाण नहीं मिला। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने जांच में सहयोग भी किया। जब उनसे ट्रूडो के आरोपों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने साफ कहा कि जांच और अदालत में दाखिल आरोपपत्र में भारत सरकार के अधिकारियों की संलिप्तता का कोई सबूत नहीं है।
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हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की जांच में नया मोड़
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
कनाडा में 2023 में खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की जांच में एक बड़ा मोड़ आया है। कनाडा की संघीय पुलिस रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) की उप आयुक्त लिसा मोरलैंड ने कहा है कि जांच में ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है, जिससे यह साबित हो कि इस हत्या में भारत सरकार के किसी अधिकारी की भूमिका थी। उनका यह बयान पूर्व कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के उन आरोपों से बिल्कुल अलग है, जिनमें उन्होंने भारत सरकार पर संदेह जताया था।
यह भी पढ़ें- Donald Trump: 'आज रात हम उन पर जोरदार हमले करेंगे', अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने फिर दी ईरान को धमकी
अमेरिका ने बिश्नोई और गोल्डी बराड़ पर लगाए आरोप
यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिकी अधिकारियों ने जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके सहयोगी सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ पर निज्जर की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है। अमेरिका, कनाडा और यूरोप की एजेंसियों ने 'ऑपरेशन हार्डबॉल' के तहत संयुक्त कार्रवाई करते हुए 24 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन पर भारत से जुड़े तीन संगठित अपराध गिरोहों से संबंध रखने और हत्या, रंगदारी, मादक पदार्थों की तस्करी तथा अन्य अंतरराष्ट्रीय अपराधों में शामिल होने के आरोप हैं।
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ट्रूडो के आरोपों से बिगड़े थे रिश्ते
सितंबर 2023 में निज्जर की हत्या के कुछ सप्ताह बाद जस्टिन ट्रूडो ने कनाडाई संसद में दावा किया था कि इस हत्या के पीछे भारत सरकार के एजेंटों का हाथ हो सकता है। भारत ने इन आरोपों को उसी समय बेबुनियाद और हास्यास्पद बताते हुए पूरी तरह खारिज कर दिया था। इसके बाद दोनों देशों के रिश्तों में भारी तनाव आ गया था। अक्तूबर 2024 में कनाडा द्वारा भारतीय राजनयिकों को मामले से जोड़ने की कोशिश के बाद भारत ने अपने उच्चायुक्त और पांच अन्य राजनयिकों को वापस बुला लिया था। जवाबी कार्रवाई में भारत ने कनाडा के भी छह राजनयिकों को देश छोड़ने का आदेश दिया था।
भारत-कनाडा के रिश्तों में अब सुधार
बाद में कनाडा में मार्क कार्नी के नेतृत्व में नई सरकार बनने के बाद दोनों देशों के रिश्तों में सुधार शुरू हुआ। दोनों देशों ने एक-दूसरे की राजधानियों में फिर से उच्चायुक्त नियुक्त किए और कई द्विपक्षीय तंत्रों को दोबारा शुरू करने पर सहमति जताई। हाल के महीनों में दोनों देशों के संबंधों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है।
बिश्नोई गैंग पर गंभीर आरोप
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, लॉरेंस बिश्नोई, रविंदर धांधा और जग्गू भगवानपुरिया गिरोहों के खिलाफ कई वर्षों से जांच चल रही थी। इन गिरोहों पर हत्या, रंगदारी, ड्रग्स तस्करी, अपहरण और हिंसा जैसे संगठित अपराधों में शामिल होने के आरोप हैं। अमेरिकी जांच एजेंसी ने बताया कि कुल 37 लोगों के खिलाफ आरोप तय किए गए हैं। इनमें दो ऐसे आरोपी भी शामिल हैं, जो भारत की जेल में बंद रहते हुए अपने आपराधिक नेटवर्क का संचालन कर रहे थे। अमेरिका ने गोल्डी बराड़ की गिरफ्तारी में मददगार सूचना देने वाले को 50,000 डॉलर का इनाम देने की भी घोषणा की है।
यह भी पढ़ें- बांग्लादेश में कुदरत का कहर: कॉक्स बाजार के रोहिंग्या कैंप में भूस्खलन, मलबे में दबने से 8 मासूम बच्चों की मौत
कौन था हरदीप सिंह निज्जर?
हरदीप सिंह निज्जर प्रतिबंधित संगठन खलिस्तान टाइगर फोर्स का प्रमुख था। भारत सरकार ने उसे आतंकवादी घोषित किया हुआ था। जून 2023 में कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत में एक गुरुद्वारे के बाहर उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद यह मामला भारत-कनाडा संबंधों में सबसे बड़ा विवाद बन गया।
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अमेरिका ने बिश्नोई और गोल्डी बराड़ पर लगाए आरोप
यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिकी अधिकारियों ने जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके सहयोगी सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ पर निज्जर की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है। अमेरिका, कनाडा और यूरोप की एजेंसियों ने 'ऑपरेशन हार्डबॉल' के तहत संयुक्त कार्रवाई करते हुए 24 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन पर भारत से जुड़े तीन संगठित अपराध गिरोहों से संबंध रखने और हत्या, रंगदारी, मादक पदार्थों की तस्करी तथा अन्य अंतरराष्ट्रीय अपराधों में शामिल होने के आरोप हैं।
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ट्रूडो के आरोपों से बिगड़े थे रिश्ते
सितंबर 2023 में निज्जर की हत्या के कुछ सप्ताह बाद जस्टिन ट्रूडो ने कनाडाई संसद में दावा किया था कि इस हत्या के पीछे भारत सरकार के एजेंटों का हाथ हो सकता है। भारत ने इन आरोपों को उसी समय बेबुनियाद और हास्यास्पद बताते हुए पूरी तरह खारिज कर दिया था। इसके बाद दोनों देशों के रिश्तों में भारी तनाव आ गया था। अक्तूबर 2024 में कनाडा द्वारा भारतीय राजनयिकों को मामले से जोड़ने की कोशिश के बाद भारत ने अपने उच्चायुक्त और पांच अन्य राजनयिकों को वापस बुला लिया था। जवाबी कार्रवाई में भारत ने कनाडा के भी छह राजनयिकों को देश छोड़ने का आदेश दिया था।
भारत-कनाडा के रिश्तों में अब सुधार
बाद में कनाडा में मार्क कार्नी के नेतृत्व में नई सरकार बनने के बाद दोनों देशों के रिश्तों में सुधार शुरू हुआ। दोनों देशों ने एक-दूसरे की राजधानियों में फिर से उच्चायुक्त नियुक्त किए और कई द्विपक्षीय तंत्रों को दोबारा शुरू करने पर सहमति जताई। हाल के महीनों में दोनों देशों के संबंधों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है।
बिश्नोई गैंग पर गंभीर आरोप
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, लॉरेंस बिश्नोई, रविंदर धांधा और जग्गू भगवानपुरिया गिरोहों के खिलाफ कई वर्षों से जांच चल रही थी। इन गिरोहों पर हत्या, रंगदारी, ड्रग्स तस्करी, अपहरण और हिंसा जैसे संगठित अपराधों में शामिल होने के आरोप हैं। अमेरिकी जांच एजेंसी ने बताया कि कुल 37 लोगों के खिलाफ आरोप तय किए गए हैं। इनमें दो ऐसे आरोपी भी शामिल हैं, जो भारत की जेल में बंद रहते हुए अपने आपराधिक नेटवर्क का संचालन कर रहे थे। अमेरिका ने गोल्डी बराड़ की गिरफ्तारी में मददगार सूचना देने वाले को 50,000 डॉलर का इनाम देने की भी घोषणा की है।
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कौन था हरदीप सिंह निज्जर?
हरदीप सिंह निज्जर प्रतिबंधित संगठन खलिस्तान टाइगर फोर्स का प्रमुख था। भारत सरकार ने उसे आतंकवादी घोषित किया हुआ था। जून 2023 में कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत में एक गुरुद्वारे के बाहर उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद यह मामला भारत-कनाडा संबंधों में सबसे बड़ा विवाद बन गया।