ऋषिकेश में बड़ा हादसा: तपोवन के साईं घाट पर तैरने के प्रयास में गंगा के तेज बहाव में बहा यूपी का युवक
ऋषिकेश में गंगा स्नान के दौरान गौतमबुद्ध नगर का एक युवक तेज बहाव में बह गया, जिसकी तलाश में एसडीआरएफ और जल पुलिस ने सर्च अभियान चलाया। ...और पढ़ें

गंगा में बहे युवक की तलाश में अभियान चलाती एसडीआरएफ की टीम। एसडीआरएफ
HighLights
गौतमबुद्ध नगर का युवक ऋषिकेश में गंगा में बहा
एसडीआरएफ और जल पुलिस ने सर्च अभियान चलाया
गंगा में सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील
जागरण संवाददाता, ऋषिकेश। दोस्तों के साथ घूमने आया गौतमबुद्ध नगर निवासी एक युवक गंगा में तैरने के प्रयास के दौरान बह गया।
एसडीआरएफ और जल पुलिस की टीम ने युवक की तलाश में सर्च अभियान चलाया, लेकिन देर शाम तक उसका कुछ पता नहीं चल पाया था।
एसडीआरएफ के प्रभारी निरीक्षक कविंद्र सजवाण ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर से सात युवकों का एक दल ऋषिकेश घूमने आया था।
मंगलवार सुबह सभी युवक मुनिकीरेती के तपोवन क्षेत्र स्थित साईं घाट पर गंगा स्नान के लिए पहुंचे।
स्नान के दौरान 20 वर्षीय शौर्य नागर पुत्र किशनपाल, निवासी बिसरख जलालपुर गौतमबुद्ध नगर(उत्तर प्रदेश) गंगा में तैरने का प्रयास करने लगा। उसी दौरान तेज बहाव की चपेट में आकर बह गया।
साथियों की सूचना पर जल पुलिस, स्थानीय पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर युवक की तलाश में सर्च अभियान शुरू किया। गंगा के किनारों, संभावित बहाव क्षेत्र और अन्य संभावित स्थानों पर लगातार खोजबीन की जा रही है।
दंपती समेत अन्य बहे लोगों की तलाश जारी
गंगा में स्नान के दौरान बहने की घटनाएं थम नहीं रहीं हैं। पिछले डेढ़ माह में 18 लोग गंगा में बह चुके हैं। एसडीआरएफ की टीम पूर्व में डूबे अन्य व्यक्तियों की तलाश में भी लगातार सर्च अभियान चला रही है।
इनमें यूसुफ बीच क्षेत्र में बहे राहुल चौहान निवासी दिल्ली, फूलचट्टी क्षेत्र में बहे शैलेंद्र निवासी ग्वालियर (मध्य प्रदेश) और चंद्रेश्वर क्षेत्र में स्नान के दौरान लापता हुए मनीष आर्य और उनकी पत्नी जानकी, निवासी जय विहार, नगली, उत्तम नगर, दिल्ली की खोज भी शामिल है।
एसडीआरएफ ने की अपील
एसडीआरएफ ने सभी पर्यटकों, श्रद्धालुओं व स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि गंगा में बिना पर्याप्त जानकारी एवं सुरक्षा के प्रवेश न करें।
वहीं, गंगा में तैरने का प्रयास बिल्कुल न किया जाए। गंगा का बहाव बेहद तीव्र एवं अप्रत्याशित हो सकता है। गंगा तटों के किनारे लगाए गए चेतावनी बोर्डों एवं प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। केवल चिह्नित एवं सुरक्षित स्नान घाटों पर ही स्नान करें।