UP: संसद में डिंपल यादव हाजिरी और बहस में अव्वल, हेमा मालिनी ने दागे खूब सवाल; अक्षय का प्रदर्शन सुस्त
पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च के अनुसार, जून 2024 से अप्रैल 2026 तक आगरा मंडल के सांसदों के प्रदर्शन में बड़ा अंतर दिखा। डिंपल यादव की उपस्थिति 81 प्रतिशत रही, जबकि हेमा मालिनी की 39 प्रतिशत। हेमा मालिनी ने 25 सवाल पूछे, डिंपल यादव ने 19, वहीं अक्षय यादव ने कोई सवाल नहीं पूछा।
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लोकसभा चुनाव में जनता का वोट पाकर संसद पहुंचने वाले माननीयों की जिम्मेदारी सदन में क्षेत्र की जनता की आवाज पहुंचाने की होती है। पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च ने जून 2024 से अप्रैल 2026 तक की अवधि के आंकड़े जारी किए हैं। इसमें आगरा मंडल के फिरोजाबाद, मथुरा और मैनपुरी के सांसदों के प्रदर्शन में जमीन-आसमान का अंतर देखने को मिला है। मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। ऐसे में जनता अपने सांसदों से उम्मीद लगाए है कि वह सदन में उनके हक, क्षेत्र की समस्याओं की बात उठाते अपने रिकॉर्ड को दुरुस्त करेंगे।
सदन में उपस्थिति में पिछड़ीं हेमा मालिनी
18वीं लोकसभा में उपस्थिति का राष्ट्रीय औसत (85 फीसदी) और उत्तर प्रदेश का राज्य औसत (92 फीसदी) है। मैनपुरी की सांसद डिंपल 81 फीसदी के साथ हाजिरी के मुकाबले में फिरोजाबाद-मथुरा की सांसद के मुकाबले आगे हैं। विशेष बात यह है कि 18वीं लोकसभा के पहले सत्र में उनकी हाजिरी शत-प्रतिशत (100 फीसदी) थी। वहीं, हाजिरी के मामले में मथुरा की सांसद पिछड़ गईं। उनकी कुल उपस्थिति मात्र 39 फीसदी दर्ज हुई। यहां तक कि शीतकालीन सत्र 2025 में उनकी उपस्थिति शून्य रही। अक्षय यादव की कुल उपस्थिति 79 फीसदी रही। शीतकालीन सत्र 2025 में उनकी हाजिरी 67 फीसदी थी।
डिंपल ने 9, हेमा ने 7 बहसों में लिया भाग, अक्षय सुस्त
सदन में होने वाली महत्वपूर्ण चर्चाओं और बहसों में भागीदारी के मामले में भी तीनों सांसदों के आंकड़ों में अंतर है। डिंपल यादव ने सबसे ज्यादा 9 बहसों में हिस्सा लिया। उन्होंने राजनीति से इतर युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य संकट और सोशल मीडिया के बढ़ते खतरों जैसे समसामयिक मुद्दों को रखा। वहीं, हेमा मालिनी ने कम उपस्थिति के बावजूद 7 बहसों में भागीदारी की, जिसमें उन्होंने मथुरा को अंतरराष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन स्थल बनाने के लिए विशेष पैकेज की मांग प्रमुखता से उठाई। अक्षय यादव इस मोर्चे पर सुस्त रहे। उन्होंने दो साल में केवल 1 बहस में हिस्सा लिया, हालांकि इसमें उन्होंने फिरोजाबाद के ग्लास उद्योग के मजदूरों के लिए ईएसआई अस्पताल की जरूरी मांग उठाई थी।
25 सवाल पूछे हेमा ने, अक्षय रहे खामोश
जनता की समस्याओं को सरकार के सामने प्रश्नों के रूप में रखने में फिल्म अभिनेत्री और सांसद हेमा मालिनी ने सबको पीछे छोड़ दिया। हेमा भले ही वह सदन में कम गईं, लेकिन उन्होंने 25 महत्वपूर्ण सवाल पूछे। उन्होंने ब्रज क्षेत्र में पुरातात्विक उत्खनन, नमो ड्रोन दीदी योजना और जल ही अमृत योजना जैसे मुद्दे उठाए। डिंपल यादव ने भी क्षेत्र की समस्याओं को लेकर सक्रियता दिखाई और सदन में कुल 19 सवाल दागे। डिंपल ने मैनपुरी में रेलवे प्रोजेक्ट्स की सुस्त रफ्तार और स्थानीय लहसुन किसानों के लिए प्रोसेसिंग यूनिट लगाने की मांग रखी। फिरोजाबाद सांसद का यह कॉलम सबसे ज्यादा चौंकाने वाला है। करीब दो साल के इस कार्यकाल में उनके नाम के आगे प्रश्नों की संख्या शून्य है।