Syama Prasad Mookerjee: पीएम मोदी ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी को याद किया; गृह मंत्री और CM शुभेंदु क्या बोले?
डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर आज पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु सरकार ने उनके योगदानों को याद किया। पीएम मोदी ने कहा, डॉक्टर मुखर्जी के विचारों से भारतीय जनसंघ का उदय और भाजपा का विस्तार हुआ। जानिए किसने क्या कहा?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर उनके योगदानों को याद किया। उन्होंने कहा कि डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों से भारतीय जनसंघ का उदय हुआ। उनका जीवन एक वैचारिक जन आंदोलन की प्रेरक परिणति है। उन्होंने भारत में एक नए वैचारिक आंदोलन को जन्म दिया। यह लोकतंत्र में वैचारिक विविधता, राष्ट्रीय चिंतन और जन भागीदारी पर उनके अटूट विश्वास की अभिव्यक्ति थी।
डॉक्टर मुखर्जी के योगदान पर प्रधानमंत्री क्या बोले?
इंडोनेशिया दौरे पर गए पीएम मोदी ने एक वीडियो संदेश में कहा, 'जनसंघ की स्थापना के समय कांग्रेस का हर तरफ बोलबाला था। ऐसे दौर में डॉक्टर मुखर्जी ने उन परिस्थितियों को चुनौती देते हुए एक नए विचार का साहस किया। यह केवल एक संगठन या राजनीतिक दल बनाने का निर्णय नहीं था। भारतीय जनसंघ का जन्म इसी विश्वास से हुआ था। कोई भी विचार केवल स्थापना से अमर नहीं होता।'
भाजपा और लोकतांत्रिक शक्ति पर क्या बोले पीएम मोदी?
पीएम मोदी ने कहा, लाखों कार्यकर्ताओं ने अपने तप, त्याग और समर्पण से इस विचार को सींचा। आज भारतीय जनसंघ भले ही अपने मूल स्वरूप में न हो। लेकिन उसका प्रकाश करोड़ों देशवासियों के विश्वास का प्रकाश बनकर फैल रहा है। यह प्रकाश आज पूरे देश में खिले हुए करोड़ों कमल के रूप में भी दिखाई देता है। भारतीय जनसंघ ही आज भारतीय जनता पार्टी के रूप में विश्व की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक शक्ति बनकर जनसेवा कर रहा है।
विचारों के विस्तार पर क्या बोले पीएम मोदी?
बकौल प्रधानमंत्री मोदी, 'अक्सर समय के साथ कुछ विचारों का आकर्षण फीका पड़ जाता है। डॉक्टर मुखर्जी ने एक सशक्त विचार बीज रोपा है। आज इतने साल बाद भी उसका इतनी तेजी से विस्तार हो रहा है। आने वाली पीढ़ियां भारतीय जनता पार्टी की इस यात्रा का इतिहास लिखेगी। वे निश्चित रूप से डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों, साहस और दूरदृष्टि का उल्लेख करेंगी।'
प्रधानमंत्री के वर्चुअल संदेश की खास बातें क्या?
- डॉ. मुखर्जी ने एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे का नारा देकर जम्मू-कश्मीर के पूर्ण एकीकरण के लिए संघर्ष किया और वहीं सर्वोच्च बलिदान दिया।
- एक भारत, अखंड भारत और श्रेष्ठ भारत का डॉ. मुखर्जी का सपना आज देश के लिए मार्गदर्शक है।
- इस सपने को पूरा करने की जिम्मेदारी अब हम सभी के कंधों पर है।
- डॉ. मुखर्जी शिक्षा को औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्त करना चाहते थे। वे मातृभाषा में शिक्षा और भारतीय भाषाओं के सम्मान के पक्षधर थे। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति उसी सोच को आगे बढ़ाने का प्रयास है।
क्या बंगाल में भव्य उत्सव?
पीएम मोदी ने लगभग पांच मिनट के अपने वीडियो संदेश में कहा, बंगाल के लिए यह दोहरी खुशी की बात है। एक तो डॉक्टर मुखर्जी की 125वीं जन्म जयंती है। दूसरा, बंगाल में इस अवसर पर भव्य आयोजन हो रहा है। उनके विचार पुंज से निकली भाजपा सरकार में यह उत्सव मनाया जा रहा है। पश्चिम बंगाल की जनता अपने महान सपूत को यह आत्मीय श्रद्धांजलि दे रही है। कोलकाता में आयोजित समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और भाजपा के वरिष्ठ नेता मौजूद थे।