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Manipur Ukhrul Unrest: उखरुल में असम राइफल्स के दो जवान बलिदान, डीजी ने दी श्रद्धांजलि; हमलावरों की तलाश जारी
Mon, 06 Jul 2026 07:05 PM IST
निर्मल कांत
एन. अर्जुन, इंफाल।
एन. अर्जुन, इंफाल।
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 06 Jul 2026 07:05 PM IST
सार
मणिपुर में एक बार फिर तनाव बढ़ने की आशंका है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक उखरुल जिले में उग्रवादियों के हमले में असम राइफल्स के दो जवान बलिदान हुए हैं। कई लोगों के घायल होने की भी खबर है।
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असम राइफल्स के दो जवानों का बलिदान।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मणिपुर के उखरुल जिले में सोमवार को संदिग्ध उग्रवादियों के हमले में असम राइफल्स के दो जवान बलिदान हो गए। कई अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हमलावरों ने काफिले के मार्ग पर विस्फोटक लगाए थे। दो आईईडी में विस्फोट के बाद कई दिशाओं से गोलीबारी की गई, जिसके जवाब में असम राइफल्स के जवानों ने भी मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की। दोनों ओर से करीब एक घंटे तक मुठभेड़ चली। हमले में कई जवान घायल हुए, जिनमें वारंट अधिकारी बलवंत सिंह और हवलदार चंद्र मोहन सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें पहले संगशाक स्थित असम राइफल्स शिविर में प्राथमिक उपचार दिया गया और बाद में उन्नत चिकित्सा के लिए ले जाने की तैयारी की गई, लेकिन उपचार के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया।
तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने घटनास्थल से एक निष्क्रिय आईईडी भी बरामद किया। घटना के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके में बड़े पैमाने पर तलाशी और जवाबी अभियान शुरू कर दिया है। रक्षा अधिकारियों के अनुसार, हमलावरों का पीछा किया जा रहा है। फिलहाल किसी उग्रवादी संगठन की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई
अधिकारी ने बताया, हमले के बाद इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं। साथ ही केंद्रीय बलों और हथियारबंद उग्रवादियों के बीच पास के इलाके में मुठभेड़ भी हुई। घटनास्थल को घेर लिया गया है। जांच के लिए इंफाल से फॉरेंसिक टीम भेजी गई है।
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स्थानीय लोगों ने क्या कहा?
स्थानीय लोगों ने दावा किया कि गोलीबारी के समय आसपास के धान के खेतों में काम कर रहे कई किसानों को सुरक्षा बलों ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया।
मुख्यमंत्री और गृह मंत्री ने घटना पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने असम राइफल्स के दो जवानों की हत्या की कड़ी निंदा की। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी हिंसा को बर्दाश्त नहीं करेगी। चुप रहकर तमाशा नहीं देखेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अपराध में शामिल दोषियों को कानून के अनुसार गिरफ्तार कर सजा दी जाएगी।
वहीं, राज्य के गृह मंत्री गोविंदास कोंथौजम ने भी इस हमले की निंदा की। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं मणिपुर में शांति और सौहार्द को नुकसान पहुंचाती हैं।
असम राइफल्स के डीजी ने बलिदानियों दी श्रद्धांजलि
हमले में बलिदान हुए वारंट अधिकारी बलवंत सिंह और हवलदार चंद्र मोहन सिंह को असम राइफल्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा ने श्रद्धांजलि अर्पित की। असम राइफल्स की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा तथा बल के सभी अधिकारियों और जवानों ने दोनों वीर सैनिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन किया। बयान में कहा गया कि दोनों जवानों ने मणिपुर में कर्तव्य निर्वहन के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया। असम राइफल्स ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठिन समय में पूरा बल उनके साथ मजबूती से खड़ा है।
ये भी पढ़ें: सीमा की सड़कों के नाम पर सरकारी धन की लूट: किसने किया BRO में घोटाला? CBI ने 26 ठिकानों पर एक साथ की छापेमारी
सुरक्षा बलों की कार्रवाई
यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब मणिपुर में सुरक्षा बल उग्रवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाने और हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में शांति बहाल करने के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं। हाल के दिनों में कई उग्रवादियों की गिरफ्तारी और हथियारों की बरामदगी के बावजूद सुरक्षा बलों पर यह हमला राज्य की सुरक्षा स्थिति को लेकर नई चिंता पैदा करता है।
मणिपुर में हिंसा का असर
मई 2023 से मणिपुर में मेतेईऔर कुकी-जो समुदायों के बीच जातीय हिंसा में अब तक 260 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। हजारों लोग बेघर हुए हैं।
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प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हमलावरों ने काफिले के मार्ग पर विस्फोटक लगाए थे। दो आईईडी में विस्फोट के बाद कई दिशाओं से गोलीबारी की गई, जिसके जवाब में असम राइफल्स के जवानों ने भी मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की। दोनों ओर से करीब एक घंटे तक मुठभेड़ चली। हमले में कई जवान घायल हुए, जिनमें वारंट अधिकारी बलवंत सिंह और हवलदार चंद्र मोहन सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें पहले संगशाक स्थित असम राइफल्स शिविर में प्राथमिक उपचार दिया गया और बाद में उन्नत चिकित्सा के लिए ले जाने की तैयारी की गई, लेकिन उपचार के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया।
तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने घटनास्थल से एक निष्क्रिय आईईडी भी बरामद किया। घटना के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके में बड़े पैमाने पर तलाशी और जवाबी अभियान शुरू कर दिया है। रक्षा अधिकारियों के अनुसार, हमलावरों का पीछा किया जा रहा है। फिलहाल किसी उग्रवादी संगठन की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
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इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई
अधिकारी ने बताया, हमले के बाद इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं। साथ ही केंद्रीय बलों और हथियारबंद उग्रवादियों के बीच पास के इलाके में मुठभेड़ भी हुई। घटनास्थल को घेर लिया गया है। जांच के लिए इंफाल से फॉरेंसिक टीम भेजी गई है।
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स्थानीय लोगों ने क्या कहा?
स्थानीय लोगों ने दावा किया कि गोलीबारी के समय आसपास के धान के खेतों में काम कर रहे कई किसानों को सुरक्षा बलों ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया।
मुख्यमंत्री और गृह मंत्री ने घटना पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने असम राइफल्स के दो जवानों की हत्या की कड़ी निंदा की। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी हिंसा को बर्दाश्त नहीं करेगी। चुप रहकर तमाशा नहीं देखेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अपराध में शामिल दोषियों को कानून के अनुसार गिरफ्तार कर सजा दी जाएगी।
वहीं, राज्य के गृह मंत्री गोविंदास कोंथौजम ने भी इस हमले की निंदा की। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं मणिपुर में शांति और सौहार्द को नुकसान पहुंचाती हैं।
असम राइफल्स के डीजी ने बलिदानियों दी श्रद्धांजलि
हमले में बलिदान हुए वारंट अधिकारी बलवंत सिंह और हवलदार चंद्र मोहन सिंह को असम राइफल्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा ने श्रद्धांजलि अर्पित की। असम राइफल्स की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा तथा बल के सभी अधिकारियों और जवानों ने दोनों वीर सैनिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन किया। बयान में कहा गया कि दोनों जवानों ने मणिपुर में कर्तव्य निर्वहन के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया। असम राइफल्स ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठिन समय में पूरा बल उनके साथ मजबूती से खड़ा है।
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सुरक्षा बलों की कार्रवाई
यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब मणिपुर में सुरक्षा बल उग्रवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाने और हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में शांति बहाल करने के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं। हाल के दिनों में कई उग्रवादियों की गिरफ्तारी और हथियारों की बरामदगी के बावजूद सुरक्षा बलों पर यह हमला राज्य की सुरक्षा स्थिति को लेकर नई चिंता पैदा करता है।
मणिपुर में हिंसा का असर
मई 2023 से मणिपुर में मेतेईऔर कुकी-जो समुदायों के बीच जातीय हिंसा में अब तक 260 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। हजारों लोग बेघर हुए हैं।