Satluj: क्या ‘सतलुज’ की रेटिंग भी हुई गायब? निर्देशक संजय गुप्ता का बड़ा दावा; बोले- कितनी फर्जी होती हैं
Movie Satluj Controversy: फिल्म ‘सतलुज’ को ओटीटी से हटा दिया गया है। साथ ही अब इसकी रेटिंग भी एक चर्चित रेटिंग प्लेटफॉर्म पर नहीं दिख रही है, ऐसा दावा निर्देशक संजय गुप्ता का है। जानिए, यह पूरा मामला?
विस्तार
दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। ओटीटी से हटाए जाने के बाद यह मुद्दा बड़ा हो गया है। हाल ही में निर्देशक संजय गुप्ता ने एक नया खुलासा किया है। उनका कहना है कि फिल्म ‘सतलुज’ की रेटिंग भी अब आईएमडीबी रेटिंग प्लेटफॉर्म पर नहीं दिख रही है।
संजय गुप्ता ने रेटिंग गायब होने पर उठाए सवाल
संजय गुप्ता ने एक्स (ट्विटर) एक्स अकाउंट पर एक स्क्रीनशॉट पोस्ट करते हुए लिखा, ‘कल तक रेटिंग 9.5 थी। आज गायब हो गई। ऐसा नहीं है कि मैंने कभी आईएमडीबी रेटिंग पर भरोसा किया या उन पर यकीन किया। लेकिन इससे साबित होता है कि वे कितनी फर्जी होती हैं।’
कुछ यूजर्स भी पुराने स्क्रीनशॉट लगा रहे हैं, जिसमें रेटिंग 9.6 तक दिख रही है।
RATED 9.5 TILL YESTERDAY. GONE TODAY.
Not that I ever trusted or believed in IMDB ratings. But this proves how bogus they are. pic.twitter.com/6ib1judUTwविज्ञापन विज्ञापन— Sanjay Gupta (@_SanjayGupta) July 8, 2026
क्यों विवाद में आई फिल्म ‘सतलुज’
दिलजीत दोसांझ ने 'पंजाब95' नाम से एक फिल्म की थी, जो सेंसर बोर्ड के पास तीन साल तक अटकी रही। फिर 'सतलुज' नाम से शुक्रवार को ओटीटी पर रिलीज हुई। लेकिन दो दिन बाद इसे ओटीटी प्लेफॉर्म से हटा दिया गया। सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाने को कहा। अब इसके कंटेंट की जांच भी की जाएगी।
हनी त्रेहान की निर्देशित फिल्म ‘सतलुज’ पंजाब के एक्टिविस्ट जसवंत सिंह खालरा के जीवन पर आधारित है। बता दें कि जसवंत सिंह ने 1984 से 1994 के बीच पंजाब में हजारों अज्ञात शवों के अंतिम संस्कार की जांच की थी। 1995 में उनका अपहरण कर लिया गया था और उसके बाद वे कभी नहीं दिखे। फिल्म में दिलजीत दोसांझ ने जसवंत सिंह खालरा का किरदार निभाया है।
इस फिल्म की कहानी देखकर फैंस के रोंगटे खड़े हो गए थे। फिल्म में दिलजीत के अलावा अर्जुन रामपाल, कंवलजीत सिंह, सुविंदर विक्की और गीतिका विद्या ओहल्यान जैसे कलाकार अहम किरदारों में नजर आए हैं।