Gold Silver Price Crash: लगातार दूसरे दिन गिरा सोना, चांदी भी क्रैश; दिनभर में ₹6600 की गिरावट, कहां पहुंचे ताजा रेट?
Gold Silver Price Crash: दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में लगातार दूसरे दिन भारी गिरावट दर्ज की गई है। निवेशकों का रुझान शेयर बाजार ...और पढ़ें
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लगातार दूसरे दिन गिरा सोना, चांदी भी क्रैश; दिनभर में ₹6600 की गिरावट,
HighLights
दिल्ली में सोने-चांदी की कीमतों में लगातार दूसरे दिन गिरावट।
सोना ₹960 और चांदी ₹6,660 प्रति किलोग्राम सस्ती हुई।
शेयर बाजार में रुझान और फेड की बैठक गिरावट के कारण।
नई दिल्ली| सोना और चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज (gold silver price crash) की गई है। दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 960 रुपए टूटकर 1,53,440 रुपए (gold price today) प्रति 10 ग्राम (टैक्स सहित) पर आ गया, जबकि चांदी में और बड़ी गिरावट देखने को मिली। चांदी 6,660 रुपए फिसलकर 2,48,740 रुपए (Silver Price Today) प्रति किलोग्राम (टैक्स सहित) पर बंद हुई।
ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, 17 जून को 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना 1,54,400 रुपए प्रति 10 ग्राम (gold rate today) पर बंद हुआ था। वहीं चांदी 2,55,400 रुपए प्रति किलोग्राम (silver rate today) के स्तर पर थी। यानी एक ही दिन में दोनों कीमती धातुओं में तेज गिरावट दर्ज की गई।
शेयर बाजार की ओर बढ़ रहे निवेशक
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि इस कमजोरी की एक बड़ी वजह घरेलू शेयर बाजारों में बनी मजबूती है। निवेशकों का रुझान फिलहाल बुलियन यानी सोना-चांदी से हटकर शेयर बाजार की ओर बढ़ रहा है। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती आने से भी सोने-चांदी की कीमतों पर दबाव बना है।
फेड की बैठक की वजह से बढ़ी बिकवाली
सेबी रजिस्टर्ड मार्केट और कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता के मुताबिक,
अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की हालिया बैठक के बाद सोने और चांदी में बिकवाली बढ़ी है। फेड ने इस बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया, लेकिन भविष्य में दरें बढ़ाने के संकेत दिए हैं। बाजार को उम्मीद है कि आने वाले महीनों में फेड सख्त मौद्रिक नीति जारी रख सकता है। यही वजह है कि सोने और चांदी में फिलहाल कमजोरी का माहौल बना हुआ है।
एलकेपी सिक्योरिटीज के वीपी रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी का भी मानना है कि फेड की नीति से संकेत मिलते हैं कि अगर अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत बनी रहती है तो इस साल ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी हो सकती है। ऊंची ब्याज दरें आमतौर पर सोने जैसी गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियों के लिए नकारात्मक मानी जाती हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या हैं ताजा रेट?
हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में तस्वीर थोड़ी अलग नजर आई। विदेशी बाजार में सोना 4,266.47 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा, जबकि चांदी 0.38 फीसदी की तेजी के साथ 68.17 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। बाजार की नजर अब आगे आने वाले अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और फेड के अगले कदम पर बनी हुई है, जो सोने और चांदी की दिशा तय कर सकते हैं।