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    Bihar के जमीन मालिकों के लिए काम की खबर: हर 3 साल में होगा Bhumi Survey, कैसे तय होगा सर्किल रेट?

    Updated: Fri, 19 Jun 2026 11:00 PM (IST)

    बिहार में जमीन की खरीद-बिक्री और निबंधन में पारदर्शिता के लिए सभी जिलों में भूमि वर्गीकरण पंजी बनेगी। अंचलों में सर्वे कर भूमि का वर्गीकरण तय होगा और ...और पढ़ें

    हर 3 साल में होगा भूमि सर्वे (AI Generated Image)

    हर 3 साल में होगा भूमि सर्वे (AI Generated Image)

    HighLights

    1. सभी जिलों में भूमि वर्गीकरण पंजी बनाई जाएगी।

    2. अंचलों में सर्वे कर भूमि की श्रेणियां तय होंगी।

    3. हर तीन साल में पंजी की समीक्षा व सुधार किया जाएगा।

    राज्य ब्यूरो, पटना। जमीन की खरीद-बिक्री के साथ उसके निबंधन में पारदर्शिता लाने के लिए सभी जिलों में अलग से भूमि वर्गीकरण पंजी बनाई जाएगी। इसके लिए अंचलों में सर्वे कर भूमि का वर्गीकरण तय किया जाएगा। निबंधन विभाग ने सभी जिला पदाधिकारी और अंचल अधिकारी को इसकी जवाबदेही सौंपी है।

    निबंधन महानिरीक्षक ने सभी जिलों के समाहर्ता, जिला अवर निबंधक, अवर निबंधकों और अंचलाधिकारी को इसेस जुड़ा आदेश जारी कर अनुपालन करने का निर्देश दिया है।

    विभागीय आदेश के अनुसार, प्रत्येक तीन वर्ष पर भूमि वर्गीकरण पंजी की समीक्षा होगी। इसमें यह देखा जाएगा कि किन इलाकों की जमीन अधिक विकसित हुई है, उससे जमीन की श्रेणी में भी बदलाव तो नहीं हुआ। इसके लिए सर्वे कर जमीन की बदली श्रेणी के अनुसार पंजी में सुधार किया जाएगा।

    पटना मेट्रोपोलिटन क्षेत्र में तेजी से होते विकास कार्यों के कारण प्रत्येक वर्ष सर्वे कर वर्गीकरण पंजी में सुधार किया जाएगा। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि भूमि वर्गीकरण पंजी मात्र निबंधन विभाग की आवश्यकताओं को देखते हुए बनाई जाए, इसे खेसरा पंजी नहीं माना जाए।

    शहरी, ग्रामीण, मेट्रोपोलिटन और पेरिफेरल क्षेत्रों में भूमि का वर्गीकरण:

    दरअसल, राज्य सरकार ने सभी जिलों में जमीन की समान श्रेणियां तय कर दी हैं। इसके लिए चार प्रक्षेत्र- शहरी, ग्रामीण, मेट्रोपोलिटन और शहर से सटे इलाकों (पेरिफेरल क्षेत्र) में भूमि का वर्गीकरण किया गया है।

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    ग्रामीण इलाकों में सात जबकि शहरी इलाकों में जमीन की छह श्रणियां बनाई गई हैं। इसके अलावा पटना मेट्रोपोलिटन क्षेत्र भी होगा जहां जमीन का वर्गीकरण शहरी क्षेत्र के अनुरूप छह श्रेणियों में होगा।

    पेरिफेरल क्षेत्र में गांव से ज्यादा और शहर से कम होगा सर्किल रेट:

    शहर के आसपास के इलाकों (पेरिफेरल क्षेत्र) में भूमि का वर्गीकरण ग्रामीण क्षेत्र के जमीन के वर्गीकरण के अनुरूप सात श्रेणियों में होगा।

    इस इलाके की जमीन का सर्किल रेट ग्रामीण क्षेत्र की जमीन से अधिक, लेकिन शहरी क्षेत्र की जमीन से कम निर्धारित किया जाएगा। इसके लिए जिला मूल्यांकन समिति दर तय करेगी। वर्ष 2029 में अगला सर्वे किया जाएगा।

    ग्रामीण क्षेत्र की श्रेणियां:

    1. व्यावसायिक भूमि 2. औद्योगिक भूमि 3. आवासीय भूमि 4. उच्च मार्ग या मुख्य सड़क की दोनों ओर की भूमि 5. सिंचित भूमि 6. असिंचित भूमि 7. बलुआही, पथरीली, दियारा एवं चंवर भूमि।

    शहरी क्षेत्र की श्रेणियां:

    1. प्रधान सड़क/व्यावसायिक/आवासीय भूमि 2. मुख्य सड़क व्यावसायिक/आवासीय भूमि 3. औद्योगिक भूमि 4. शाखा सड़क व्यावसायिक/आवासीय भूमि 5. अन्य सड़क/गली आवासीय भूमि 6. कृषि/गैर आवासीय भूमि।

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