दीए जला लो, दीए जला लो,
दिलों में जो दूरियां थी,
उन्हें, मिटा लो, मिटा लो।
दीपकों का पर्व है ये,
मिलन का इसे बना लो।
दीप जलाओ ऐसे,
अंधेरा भी मिटा लो,और,
दिलों के विकार भी मिटा लो।
बढ़ाओ भाई चारा,
खुशियों की दीपावली मना लो।
पं० चन्द्र दत्त शर्मा।