बोइंग से RTX और लॉकहीड मार्टिन तक... ईरान युद्ध से भारी मुनाफा कमा रही अमेरिकी हथियार कंपनियां
अमेरिका और इजरायल के ईरान के खिलाफ युद्ध ने वैश्विक रक्षा उद्योग को बढ़ावा दिया है। प्रमुख अमेरिकी और इजरायली हथियार निर्माता कंपनियां अरबों डॉलर का ल ...और पढ़ें

ईरान युद्ध से भारी मुनाफा कमा रही अमेरिकी हथियार कंपनियां (जागरण ग्राफिक्स)

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गरिमा सिंह, नई दिल्ली। अमेरिका और इजरायल के ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध ने वैश्विक रक्षा उद्योग को नया उछाल दिया है। अल जजीरा की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस संघर्ष से प्रमुख अमेरिकी और इजरायली हथियार निर्माता कंपनियां अरबों डॉलर का लाभ कमा रही हैं, साथ ही युद्ध बढ़ने से उनके शेयरों में रिकॉर्ड उछाल देखा जा रहा है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में प्रमुख रक्षा कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक के बाद बेहतरीन हथियारों के उत्पादन को चार गुना बढ़ाने का समझौता किया है।
अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार ईरान के खिलाफ 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' में 20 से अधिक प्रकार के हथियार प्रणालियों का इस्तेमाल हो रहा है, जिसमें हवाई, समुद्री, जमीनी और मिसाइल रक्षा शामिल हैं। पहले 100 घंटों में ही अमेरिकी सेना ने हथियारों पर 3.7 अरब डॉलर खर्च किए थे।

वो अमेरिकी कंपनियां जो युद्ध से सबसे ज्यादा लाभ कमा रही हैं।
1. लॉकहीड मार्टिन
अमेरिकी रक्षा कंपनी एफ-35 लाइटनिंग II स्टेल्थ फाइटर, एफ-22 रैप्टर जेट, THAAD सिस्टम, HIMARS और ATACMS मिसाइलें बनाती है। इसने पिछले सप्ताह अपने शेयरों में 3% की बढ़ोतरी दर्ज की। कंपनी ने 2024 में 68.4 अरब डॉलर का राजस्व कमाया और पेंटागन से अरबों डॉलर के कॉन्ट्रैक्ट हासिल किए।
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2. RTX (पूर्व में रेथियॉन)
इसी तरह RTX टोमाहॉक क्रूज मिसाइल और पैट्रियट मिसाइल सिस्टम से लाभ कमाया, जिसके शेयर 4.5% बढे। कंपनी का 2024 का रक्षा राजस्व 43.6 अरब डॉलर रहा।
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3. नॉर्थ्रॉप ग्रुमन
दिग्गज अमेरिकी कंपनी नॉर्थ्रॉप ग्रुमन बी-2 स्टेल्थ बॉम्बर और रडार तकनीक देती है। नॉर्थ्रॉप के शेयर पिछले सप्ताह 5% बढ़े। साल 2023से इसके शेयरों में 60.6% का राइज देखने को मिला।
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4. बोइंग
बोइंग B-1 बॉम्बर, F-15s, EA-18G ग्रोलर्स, P-8A पोसाइडन और RC-135 बनाती है, जिसमें L3Harris Technologies के मॉडिफिकेशन दिए गए हैं। जहाना तक कंपनी के रेवेन्यू की बात है साल 2024 में 30.6 बिलियन डॉलर दर्ज किया गया।
खबरें और भी

5. जनरल एटॉमिक्स एरोनॉटिकल
MQ-9 रीपर ड्रोन बनाती है। साल 2024 में इसका रेवेन्यू 33.6 बिलियन डॉलर रहा वहीं इसके स्टॉक में 57.7% राइज देखने को मिला है।

6: हंटिंगटन इंगल्स इंडस्ट्रीज
USS अब्राहम लिंकन और USS गेराल्ड आर फोर्ड बनता है।
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7- स्पेक्टरवर्क्स
लुकस (वन-वे अटैक ड्रोन बनाती है।)
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इजरायल का रक्षा उद्योग भी बढ़ा
इजरायली रक्षा उद्योग भी इस युद्ध से उभर रहा है। एल्बिट सिस्टम्स (ड्रोन, निगरानी प्रणाली), इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (मिसाइल रक्षा, सैटेलाइट, कॉम्बैट ड्रोन) और राफेल (आयरन डोम, प्रेसिजन-गाइडेड मुनिशन) प्रमुख हैं। इन तीनों ने 2024 में क्रमशः 6.3 अरब, 5.2 अरब और 4.7 अरब डॉलर का रक्षा राजस्व कमाया।
सैन्य तकनीक की मांग बढ़ी
वैश्विक रक्षा खर्च 2024 में 9.4% बढ़कर 2.7 ट्रिलियन डॉलर पहुंच गया, जिसमें अमेरिका सबसे बड़ा खर्चकर्ता है। SIPRI के अनुसार, टॉप 100 रक्षा कंपनियों में अमेरिकी फर्मों का दबदबा है, जिन्होंने 334 अरब डॉलर का राजस्व कमाया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह युद्ध हथियार बनाने वाली कंपनियों के लिए अत्यधिक लाभदायक साबित हो रहा है। हालांकि, डेमोक्रेट्स ने युद्ध के अंत की कमी पर चिंता जताई है। ईरान ने लंबे युद्ध की तैयारी की बात कही है, जबकि अमेरिका ने USS अब्राहम लिंकन और USS जेराल्ड फोर्ड जैसे कैरियर तैनात किए हैं।
Source: US Central Command, Stockholm International Peace Research Institute, LSEG