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भुगतान के लिए विपणन निरीक्षक के कार्यालय के सामने दिया धरना
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जसपुर में धरना प्रदर्शन करते किसान यूनियन के सदस्य।
- फोटो : KASHIPUR
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भारतीय किसान यूनियन के सदस्यों ने धान के मूल्य का भुगतान कराने की मांग के लिए वरिष्ठ विपणन निरीक्षक के कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर डीएम को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा।
बृहस्पतिवार को भाकियू के सदस्यों ने वरिष्ठ विपणन निरीक्षक के कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर खरीदे गए धान के मूल्य का भुगतान कराने की मांग की। इसके बाद नायब तहसीलदार बीसी आर्य को दिए ज्ञापन में कहा कि धान क्रय केंद्रों को शुरू हुए दो माह बीत गए हैं। अभी तक बहुत कम किसानों भुगतान हुआ है। किसान बैंक कर्ज की किस्त जमा नहीं कर पा रहे हैं। बैंक की ओर से किसानों पर पेनल्टी लगाई जा रही है।
किसानों पर पेनल्टी का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। जबकि सरकार ने किसानों का 48 घंटे में पेमेंट करने का प्रावधान बनाया है। भुगतान नहीं होने के कारण किसान अपनी गेहूं की फसल को खाद भी नहीं लगा पा रहे हैं। उन्होंने आरएफसी, सहकारिता विभागों के धान क्रय केंद्रों पर दिए गए धान के मूल्य का भुगतान कराने, बैंकों को पेनल्टी नहीं लगाए जाने के लिए निर्देशित करने की मांग की।
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चेतावनी दी कि यदि किसानों को धान मूल्य का जल्द भुगतान नहीं किया गया तो वे आंदोलन छोड़ेंगे। इसके बाद किसानों ने शोक सभा कर सीडीएस बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत और अन्य सैन्य अधिकारियों को श्रद्धांजलि दी। वहां प्रेम सहोता, सुरजीत ढिल्लों, अमनप्रीत सिंह, दीदार सिंह, जागीर सिंह, निर्मल सिंह, राम सिंह, हरजीत सिंह, सत्यदेव सिंह, गोविंद सिंह, गुरविंदर सिंह, चौ. किशन सिंह, बलदेव सिंह सहोता आदि थे।
बृहस्पतिवार को भाकियू के सदस्यों ने वरिष्ठ विपणन निरीक्षक के कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर खरीदे गए धान के मूल्य का भुगतान कराने की मांग की। इसके बाद नायब तहसीलदार बीसी आर्य को दिए ज्ञापन में कहा कि धान क्रय केंद्रों को शुरू हुए दो माह बीत गए हैं। अभी तक बहुत कम किसानों भुगतान हुआ है। किसान बैंक कर्ज की किस्त जमा नहीं कर पा रहे हैं। बैंक की ओर से किसानों पर पेनल्टी लगाई जा रही है।
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किसानों पर पेनल्टी का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। जबकि सरकार ने किसानों का 48 घंटे में पेमेंट करने का प्रावधान बनाया है। भुगतान नहीं होने के कारण किसान अपनी गेहूं की फसल को खाद भी नहीं लगा पा रहे हैं। उन्होंने आरएफसी, सहकारिता विभागों के धान क्रय केंद्रों पर दिए गए धान के मूल्य का भुगतान कराने, बैंकों को पेनल्टी नहीं लगाए जाने के लिए निर्देशित करने की मांग की।
चेतावनी दी कि यदि किसानों को धान मूल्य का जल्द भुगतान नहीं किया गया तो वे आंदोलन छोड़ेंगे। इसके बाद किसानों ने शोक सभा कर सीडीएस बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत और अन्य सैन्य अधिकारियों को श्रद्धांजलि दी। वहां प्रेम सहोता, सुरजीत ढिल्लों, अमनप्रीत सिंह, दीदार सिंह, जागीर सिंह, निर्मल सिंह, राम सिंह, हरजीत सिंह, सत्यदेव सिंह, गोविंद सिंह, गुरविंदर सिंह, चौ. किशन सिंह, बलदेव सिंह सहोता आदि थे।