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    देहरादून के रिटायर्ड ONGC अधिकारी से 1.87 करोड़ रुपये की ठगी, लुधियाना से साइबर ठग गिरफ्तार

    Updated: Fri, 15 May 2026 08:39 PM (IST)

    देहरादून के एक सेवानिवृत्त ओएनजीसी अधिकारी से फर्जी निवेश योजना के नाम पर 1.87 करोड़ रुपये की ठगी की गई। उत्तराखंड एसटीएफ ने इस मामले में एक साइबर ठग ...और पढ़ें

    सांकेतिक तस्वीार।

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    जागरण संवाददाता, देहरादून। ओएनजीसी के सेवानिवृत्त अधिकारी को फर्जी निवेश योजना का झांसा देकर 1.87 करोड़ रुपये ठगने वाले एक साइबर ठग को एसटीएफ उत्तराखंड की टीम ने लुधियाना (पंजाब) से गिरफ्तार किया है।गिरफ्तार साइबर ठग के विरुद्ध महाराष्ट्र, तमिलनाडु, तेलंगाना, गुजरात आदि राज्यों में भी शिकायतें दर्ज हैं।

    साइबर ठगी की घटना को अंजाम देने के लिए ठगों ने नामी कंपनी के नाम, लोगों एवं ब्रांडिंग का दुरुपयोग कर लोगों को वाट्सएप व अन्य ग्रुपों में जोड़कर ट्रेडिंग गाइडेंस देकर अधिक निवेश के लिए प्रोत्साहित किया था।

    साइबर क्राइम पुलिस को दी शिकायत में 70 वर्षीय दिलीप कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि वह वर्ष-2016 में ओएनजीसी से सेवानिवृत्त हुए थे। बीती 31 जनवरी को उनके मोबाइल पर निवेश योजना से जुड़ा एक संदेश आया।

    इसके बाद दीया मेहरा नाम की महिला ने स्वयं को निवेश सलाहकार बताकर संपर्क किया और उन्हें एबीएसएल दि ग्रुप आफ विजडम नामक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ दिया।

    ग्रुप में लगातार शेयर बाजार में मुनाफे के स्क्रीनशाट, ट्रेडिंग अपडेट और अन्य सदस्यों की कथित कमाई दिखाकर भरोसा पैदा किया गया।

    इसके बाद उन्हें हाई नेटवर्थ ट्रेडिंग अकाउंट खोलने के लिए प्रेरित किया गया, जिसे सेबी रजिस्टर्ड बताकर वैध निवेश मंच का आभास कराया गया।

    शिकायत के अनुसार, दीया मेहरा, अनन्या शास्त्री और खुद को प्रोफेसर ए. बालासुब्रमण्यम बताने वाले व्यक्ति ने मिलकर पूरी ठगी को अंजाम दिया। आरोपितों ने फर्जी ट्रेडिंग डेटा और बढ़ते मुनाफे का हवाला देकर पीड़ित को बार-बार रकम निवेश करने के लिए प्रेरित किया।

    झांसे में आकर उन्होंने अलग-अलग खातों में एक करोड़ 17 लाख 64 हजार रुपये ट्रांसफर किए। इसके अलावा ब्रोकरेज फीस के नाम पर 70 लाख रुपये आरटीजीएस से जमा कराए गए।


    आनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफार्म पर पीड़ित के खाते में करीब 14.50 करोड़ रुपये का फर्जी मुनाफा दिखाया गया। बाद में इनकम टैक्स क्लियरेंस के नाम पर एक करोड़ रुपये और जमा करने को कहा गया।

    इसी दौरान पीड़ित को ठगी का शक हुआ। जब उन्होंने रकम निकालने की कोशिश की तो खाता ब्लाक कर दिया गया।

    इस मामले में उन्होंने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया।

    पुलिस ने घटना में इस्तेमाल बैंक खातों, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर व वाट्सएप की जानकारी जुटाई। इस मामले में सुखराज निवासी प्रेम विहार, नूराला रोड शिवपुरी, थाना बस्ती जोदेवाला, लुधियाना, पंजाब को गिरफ्तार किया गया।

    दो माह के लिए खाेला खाता, 18 लाख रुपये का किया लेन-देन

    जांच में सामने आया है कि आरोपित ने साइबर ठगी की रकम हड़पने के लिए दो माह के लिए एक बैंक खाता खोला था जिसमें कुछ ही दिनों में 18 लाख रुपये का अवैध लेन-देन होना पाया गया।

    इसमें 5.60 लाख रुपये रिटायर्ड ओएनजीसी अधिकारी भी शामिल थे। इस घटना में साइबर पुलिस टीम शिकायतकर्ता के 40 लाख रुपये भी होल्ड कराए जा चुके हैं।

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