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जिले में पीएम आवास योजना फ्लाप
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़।
Updated Wed, 09 Nov 2016 12:23 AM IST
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जिला सोलन में 5000 रुपये जमा करवाने के बाद फ्लैट के रूप में अपने सपनों के घर की आस लगाए बैठे सैकड़ों आवेदनकर्ताओं के लिए खुशी खबरी है।
- फोटो : अमर उजाला
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प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के लाभार्थियों का संशय अफसर नहीं दूर कर पा रहे हैं। यही वजह है कि लक्ष्य के सापेक्ष लाभार्थी आवेदन नहीं कर रहे हैं। भारत सरकार ने आवेदन करने के लिए चार बार तिथियां बढ़ाई, मगर इसके बावजूद लक्ष्य हासिल करना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है।
शहर और टाउन एरिया में रहने वाले लोगों को पक्की छत मुहैया कराने के लिए प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना प्रारंभ की गई है। नगर पालिका परिषद बेल्हा और टाउन एरिया में निवास करने वाली आबादी के तीस प्रतिशत लोगों को पक्का आवास मुहैया कराने का लक्ष्य है। मगर आलम यह है कि अभी तक मात्र 12 प्रतिशत लोगों ने ही आवेदन किया है। योजना को क्रियान्वित करने के लिए नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) को नोडल अधिकारी बनाया गया है। विभागीय अफसरों की मानें तो कार्यालय में ऑनलाइन करने की सुविधा नहीं है। आश्चर्य की बात तो यह है कि योजना के विधिवत जानकारी अफसरों को भी नहीं है। ऋण की अदायगी कैसे होगी, कितने वर्षों में होगी, अगर कोई व्यक्ति समय पर किश्त की अदायगी नहीं कर पाता है तो क्या होगा। इसी संशय में उलझे शहरी आवेदन करने से कतरा रहे हैं।
जिले की नगर पालिका परिषद और छह टाउन एरिया में 1,62,804 की कुल आबादी है। जिसमें अभी तक 16,428 लोगों ने ही आवास के लिए आवेदन किया है, जबकि भारत सरकार ने प्रत्येक टाउन एरिया या शहर में रहने वाले अधिकतम 30 प्रतिशत लोगों को आवास मुहैया कराया जाना है। हालांकि ऑनलाइन आवेदन के लिए तिथि बढ़ाकर 15 नवंबर कर दी गई है। डूडा के जिला समन्वयक प्रभात मिश्रा की माने तो ऐसा लगता है कि जिले के अधिकांश लोगों के पास मकान है। इसीलिए लोग आवेदन नहीं कर रहे हैं। उन्होेंने बताया कि आबादी के सापेक्ष तीस प्रतिशत लाभार्थियों का चयन किया जाना है।
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शहर और टाउन एरिया में रहने वाले लोगों को पक्की छत मुहैया कराने के लिए प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना प्रारंभ की गई है। नगर पालिका परिषद बेल्हा और टाउन एरिया में निवास करने वाली आबादी के तीस प्रतिशत लोगों को पक्का आवास मुहैया कराने का लक्ष्य है। मगर आलम यह है कि अभी तक मात्र 12 प्रतिशत लोगों ने ही आवेदन किया है। योजना को क्रियान्वित करने के लिए नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) को नोडल अधिकारी बनाया गया है। विभागीय अफसरों की मानें तो कार्यालय में ऑनलाइन करने की सुविधा नहीं है। आश्चर्य की बात तो यह है कि योजना के विधिवत जानकारी अफसरों को भी नहीं है। ऋण की अदायगी कैसे होगी, कितने वर्षों में होगी, अगर कोई व्यक्ति समय पर किश्त की अदायगी नहीं कर पाता है तो क्या होगा। इसी संशय में उलझे शहरी आवेदन करने से कतरा रहे हैं।
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जिले की नगर पालिका परिषद और छह टाउन एरिया में 1,62,804 की कुल आबादी है। जिसमें अभी तक 16,428 लोगों ने ही आवास के लिए आवेदन किया है, जबकि भारत सरकार ने प्रत्येक टाउन एरिया या शहर में रहने वाले अधिकतम 30 प्रतिशत लोगों को आवास मुहैया कराया जाना है। हालांकि ऑनलाइन आवेदन के लिए तिथि बढ़ाकर 15 नवंबर कर दी गई है। डूडा के जिला समन्वयक प्रभात मिश्रा की माने तो ऐसा लगता है कि जिले के अधिकांश लोगों के पास मकान है। इसीलिए लोग आवेदन नहीं कर रहे हैं। उन्होेंने बताया कि आबादी के सापेक्ष तीस प्रतिशत लाभार्थियों का चयन किया जाना है।