Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    नोएडा में सुविधाओं का अभाव, बरात घर में सालों से लटका है ताला; नहीं उठ रहा कचरा

    Updated: Mon, 22 Jun 2026 07:06 AM (IST)

    नोएडा के निठारी गांव में ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं जैसे टूटी सड़कें, गंदगी और बिजली-पानी की कमी से जूझ रहे हैं। प्राधिकरण की अनदेखी के कारण बारात घर बंद ...और पढ़ें

    गांव में सड़कों पर पड़ा कचरा,पार्क बनने की जमीन पर लग रहा कचरे का ढेर। सौ.जागरण

    गांव में सड़कों पर पड़ा कचरा,पार्क बनने की जमीन पर लग रहा कचरे का ढेर। सौ.जागरण

    चेतना राठौर, नोएडा। प्रदेश का शो विंडो शहर के गांव आज भी सुविधाओं के अभाव में हैं। नोएडा के सेक्टर 30 स्थित निठारी गांव के लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं।

    नोएडा प्राधिकरण के तहत आने वाले गांव की सड़कें टूटी पड़ी हैं। सड़कों पर गंदगी फैली रहती है। ग्रामीण बिजली, पानी, स्वास्थ्य जैसी मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं। गांव के रास्ते जर्जर हालत में पहुंच चुके हैं। जगह-जगह रास्तों पर गंदगी का ढेर लगा है। शिकायत के बाद भी सफाई नहीं होती।

    10 से 15 हजार ग्रामीणों की आबादी और एक लाख से अधिक प्रवासी गांव में निवास करते हैं, उसके बाद भी नोएडा प्राधिकरण का रवैया उदास करता है। हर गांव की कोई न कोई विशेषता होती है।

    बता दें कि गांव में प्रधानी खत्म कर दी गई है। इसलिए विकास समिति बनाकर गांव की समस्याओं का समाधान किया जाता है। प्रधानी खत्म होने से ग्राम पंचायत में आने वाले 23 कार्य ठीक से नहीं हो पा रहे हैं।

    गांव की दस प्रमुख समस्याएं

    • बिजली कटौती
    • जलापूर्ति न होना
    • पेयजल की व्यवस्था न होना
    • नियमित सफाई न होना
    • गंगाजल सप्लाई नहीं
    • गैस पाइपलाइन नहीं
    • दारू का ठेका होने से काफी समस्या होती है
    • गांव में पार्क नहीं
    • अतिक्रमण होने से वाहनों का निकलना मुश्किल
    • वर्षा में सड़क पर नाले की वजह से भरता है पानी


    गंदा बदबूदार पानी लोगों की सुबह खराब कर रहा है। पीने के पानी में सीवर का पानी मिलकर आता है। लोगों को पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है। गांव में पार्क नहीं है, कई बार पार्क की डिमांड की है। कोई सुनवाई नहीं हो रही है। - ललित अवाना, अध्यक्ष, विकास समिति निठारी गांव

    नोएडा प्राधिकरण को नाला मरम्मत करने या नया बनाने की लिखित में मांग कर चुके हैं, उसके बाद भी सुनवाई नहीं हो रही है। - कृष्ण अवाना, ग्रामीण

    गांव में बने बारात घर में कई सालों से ताला लगा है। ऐसे में लोगों को छोटे कार्यक्रम सड़क पर करना पड़ते हैं। बंद पड़े बारात घर को शराबियों ने अपना घर बना लिया है। - तरुण महतो, ग्रामीण

    मुख्य मार्गों पर ठेले वालों और दुकानदारों का अतिक्रमण होने से कई बार एक्सीडेंट होते हैं। वहीं ट्रैफिक की समस्या बनी रहती है। - सोबिंद्र अवाना, ग्रामीण

    प्राधिकरण की कचरे की गाड़ी कई दिनों तक आती ही नहीं। पांच दिनों से कचरा लेने गाड़ी नहीं आई है। गली नं 5 में कचरे का अंबार लग रहा है। गांव में कचरा न हो, इसलिए लोग स्वयं कचरा फेंकने बाहर जाते हैं। - शारदा बरनवाल, ग्रामीण

    गांव में गैस पाइपलाइन नहीं है, इस वजह से लोगों को एलपीजी गैस के लिए परेशान हैं। घर में उपले बनाना पड़ रहे हैं कि कब एलपीजी गैस की परेशानी से सामना करना पड़ जाए। - अर्जुन प्रजापति, ग्रामीण

    घरों में आए दिन बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या बनी रहती है। बिजली विभाग से कई बार समस्या को ठीक करने के लिए आवेदन कर चुके हैं। - अमित, ग्रामीण

    मंदिर के पास बनी दारू की दुकान धर्म खराब कर रही है। शराबी सड़क पर पड़े रहते हैं, महिलाओं को मार्ग से निकलने में दिक्कत होती है। - पूरन पाल, ग्रामीण

    निठारी गांव से कचरा उठवा लिया जाएगा। सोमवार को गांव पहुंचकर स्वयं स्थिति देखूंगा। - इंदु प्रकाश, ओएसडी, नोएडा प्राधिकरण

    सिविल से बारात घर दिखवाकर समस्या का समाधान कराऊंगा, जिससे लोग अपने कार्यक्रम कर सकेंगे - आरपी सिंह, जीएम, नोएडा प्राधिकरण

    एक नजर में निठारी गांव
    विवरण जानकारी
    स्थापना 1643
    वोटर - मूल ग्रामीण 4 हजार
    घर 1000
    प्रवासी आबादी 50 हजार
    किसने बसाया सोमवंत

    किसने बसाया- सोमवंत

    इतिहास- राजस्थान के बाइखेड़ा से अवानाओं के साथ ब्राह्मण परिवार आया था, जिसने यह गांव बसाया था। ब्राह्मणों ने विधिवत तरीके से नाम रखा। ज्येष्ठ शुक्ल पंचमी को मंगलवार को गांव का नामकरण किया गया, जिसका नाम निठारी रखा गया। गेहूं के उत्पादन के वजह से इतिहास में नाम रहा। सन 1700 में गांव के लोगों ने पोखर बनाया था, जिससे निकली मिट्टी से ऊंचा खेड़ा बनाया था, जहां निठारी बसना शुरू हुआ।

    विशेषता- गांव में बने 150 वर्ष पुराना राधाकृष्ण मंदिर आज भी लोगों का आस्था का केंद्र बना हुआ है। वहीं 1970 में बाबा शूरदास जी गांव आए थे, जिनका स्थान बनाया गया, जोकि प्रसिद्ध है। 1976 में गांव ने डिस्पेंसरी के लिए जगह दी।

    खबरें और भी