बरसात के नहीं आसार, पारा पहुंचा 38 के पार; हीटवेव की आशंका... बढ़ेगी गर्मी की मार
मेरठ में बारिश के कोई आसार नहीं हैं, पारा 38.5 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है और हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है। तापमान 40-45 डिग्री तक पहुंचने ...और पढ़ें

(प्रतीकात्मक फोटो)
HighLights
मेरठ जनपद में पारा 38.5 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचा।
हीटवेव का अलर्ट जारी, 40-45 डिग्री तक तापमान संभव।
डिहाइड्रेशन से बचने के लिए पर्याप्त पानी पिएं, सावधानी बरतें।
जागरण संवाददाता, मेरठ। गर्मी अभी कई दिन तक अपने तेवर दिखाएगी। पारा 40 के पार जाने की आशंका जताई जा रही है। जिस कारण शनिवार से हीटवेव हो सकता है। सरदार बल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञानी डा. यूपी शाही ने बताया कि शुक्रवार को अधिकतम 38.5 और न्यूनतम तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है। उनका कहना है कि आने वाले समय में यह बढ़कर 40 से 45 डिग्री तक पहुंचेगा। तेज गर्म हवा भी चलने की आशंका जताई है, जो लोगों के लिए नुकसानदायक हो सकती है।
क्या होता है हीटवेव और कब करते हैं घोषित
हीटवेव (लू) ऐसी स्थिति है, जब किसी क्षेत्र का तापमान सामान्य से काफी अधिक हो जाता है और गर्म हवाएं लगातार चलती हैं। यह स्थिति तब मानी जाती है, जब तापमान सामान्य से चार डिग्री से छह डिग्री तक अधिक हो जाता है। छह डग्री तापमान यदि सामान्य से अधिक होता है तो उसे गंभीर हीटवेव की स्थिति माना जाता है। कई दिनों तक गर्म और शुष्क हवाएं चलती है।
शरीर में न होने दें पानी की कमी
वरिष्ठ फिजिशियन डा. तनुराज सिरोही ने बताया कि हीटवेव में शरीर में पानी की कमी नहीं होनी चाहिए। यदि पानी की कमी होगी तो डिहाइड्रेशन के शिकार हो सकते हैं। जिससे चक्कर आना, कमजोरी, सिरदर्द, उल्टी, मांसपेशियों में ऐंठन जैसी समस्या बन सकती है। हृदय, फेफड़ों और किडनी के मरीजों को विशेष तौर पर ध्यान देने की जरूरत है।
हीटवेव में बरतें ये सावधानी
- पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लेते रहें।
- दोपहर 12 बजे से चार बजे के बीच धूप में निकलने से बचें।
- हल्के रंग के और सूती कपड़े पहनें।
- बाहर निकलते समय छाता, टोपी या गमछे का उपयोग करें।
- ओआरएस, नींबू पानी, छाछ और फलों का सेवन करें।
- बच्चों और बुजुर्गों को धूप में अधिक देर तक न रहने दें।
- चक्कर, तेज बुखार या बेहोशी जैसी स्थिति होने पर तुरंत डाक्टर से संपर्क करें।
नोट : वरिष्ठ फिजिशियन डा. तनुराज सिरोही के अनुसार।