{"_id":"fe50d470cd1fa116ea73dd11f3ea4007","slug":"the-second-step-publicity-subsided-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दूसरे चरण के लिए थम गया प्रचार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
दूसरे चरण के लिए थम गया प्रचार
लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 29 Nov 2015 05:12 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
कुंभी, बांकेगंज, बिजुआ और फूलबेहड़ ब्लाक में दूसरे चरण का एक दिसंबर को होने वाले मतदान के लिए रविवार की शाम पांच बजे चुनाव प्रचार थम गया। इसके बाद मतदाताओं से वोट मांगते हुए पकड़े जाने पर प्रत्याशी को जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है। इस चरण में चारों ब्लाकों में प्रधान पद की 277 ग्राम पंचायतों में 2414 प्रत्याशियों और सदस्य पद पर 3643 पदों के लिए 6,81,929 मतदाता अपना वोट डालेंगे। प्रशासन ने चुनाव संपन्न कराने के लिए तैयारी पूरी कर ली है। एडीएम एसपी सिंह ने कहा कि सभी मतदानकर्मी सोमवार की सुबह सात बजे तक ब्लाक मुख्यालयों पर पहुंच जाएं। वहां से पार्टियों को ग्राम पंचायतवार मतपत्र और वोटरलिस्ट देकर पोलिंग बूथों पर रवाना किया जाएगा। दूसरे चरण के लिए इन ब्लाकों में मंगलवार को वोट डाले जाएंगे। एडीएम ने बताया कि मतदान को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेटों को संबंधित क्षेत्र का भ्रमण कर संवेदनशीलता का आंकलन करने के साथ ही निर्वाचन के संबंध में तैयारी दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया है।
मतदाता चुप, प्रत्याशी बेचैन
गोला गोकर्णनाथ। ग्राम पंचायत चुनाव में मतदाताओं की चुप्पी से प्रत्याशियों की बेचैनी बढ़ गई है। प्रत्याशियों ने वोटरों को रिझाने के लिए दावतें, वादे, प्रलोभन जैसे हथकंडे अपनाने के साथ उनके रिश्तेदारों और परिचितों के माध्यम से जोर दबाव बना रहे हैं।
ग्राम पंचायत चुनाव में प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्यों के प्रत्याशियों ने वोटरों को रिझाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। वह अपने आपको विजेता मानते हुए अपनी जीत का दावा ठोंक रहे हैँ। जबकि कुछ जगह प्रत्याशियों ने रैली भी निकालकर अपनी अपने वोट बैंक का प्रदर्शन किया है। एक दिसंबर को होने वाले चुनाव का प्रचार-प्रसार का आखिरी दौर 29 नवंबर जानकर प्रत्याशियों ने वोटरों पर दबाव बनाने के लिए उनके परिचितों और रिश्तेदारों का भी सहारा लिया। नगर के निकटवर्ती ग्राम पंचायत पुनर्भूग्रंट, लाल्हापुर, अहमदनगर और गोला देहात में प्रत्याशी धन और बल का खूब प्रदर्शन कर रहे हैं। जिसके दम पर अपनी जीत सुनिश्चित मान रहे हैं। चुनाव आचार संहिता के अनुपालन को लेकर जहां प्रशासन ने प्रत्याशियों की होर्डिंग, बैनर उतरवा दिए हैं वहीं प्रत्याशियों के समर्थकों ने रंग-बिरंगे पोस्टरों से गली मोहल्लों में घरों की दीवारें भर दी हैं। इन ग्राम पंचायतों में प्रधान पद की महिला सीटों पर उनके पति ने जीत को अपनी प्रतिष्ठा का पर्याय बना लिया है। जिन महिलाओं ने कभी घर की देहरी नहीं लांघी वह प्रधान बनने की चाह में गली मोहल्लों में घर-घर जाकर वोट मांग रही हैं।
विज्ञापन
अलीगंज। प्रत्याशी देर रात तक लोगों के दरवाजों पर दस्तक देकर वोट मांगते देखे गए। प्रचार के अंतिम दौर में एक प्रत्याशी के जाने पर तुरंत दूसरा प्रत्याशी ने अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा था। कुछ प्रत्याशी ऐसे हैं जो कभी किसी के सामाजिक कार्यों और राष्ट्रीय पर्वों में भी नहीं दिखे, होली, दीवाली, ईद में मिलने जुलने के लिए समय नहीं निकाल पाए वह आज प्रत्याशी होकर समाज सेवक बनकर चिकनी चुपड़ी बातों को सुनाकर वोटरों को फुसला रहे हैं। वोटर भी कम होशियार नहीं है जो प्रत्याशियों की हां में हां कर रहे हैं और अपना पत्ता नहीं खोल रहे है।
मतदाता चुप, प्रत्याशी बेचैन
गोला गोकर्णनाथ। ग्राम पंचायत चुनाव में मतदाताओं की चुप्पी से प्रत्याशियों की बेचैनी बढ़ गई है। प्रत्याशियों ने वोटरों को रिझाने के लिए दावतें, वादे, प्रलोभन जैसे हथकंडे अपनाने के साथ उनके रिश्तेदारों और परिचितों के माध्यम से जोर दबाव बना रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्राम पंचायत चुनाव में प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्यों के प्रत्याशियों ने वोटरों को रिझाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। वह अपने आपको विजेता मानते हुए अपनी जीत का दावा ठोंक रहे हैँ। जबकि कुछ जगह प्रत्याशियों ने रैली भी निकालकर अपनी अपने वोट बैंक का प्रदर्शन किया है। एक दिसंबर को होने वाले चुनाव का प्रचार-प्रसार का आखिरी दौर 29 नवंबर जानकर प्रत्याशियों ने वोटरों पर दबाव बनाने के लिए उनके परिचितों और रिश्तेदारों का भी सहारा लिया। नगर के निकटवर्ती ग्राम पंचायत पुनर्भूग्रंट, लाल्हापुर, अहमदनगर और गोला देहात में प्रत्याशी धन और बल का खूब प्रदर्शन कर रहे हैं। जिसके दम पर अपनी जीत सुनिश्चित मान रहे हैं। चुनाव आचार संहिता के अनुपालन को लेकर जहां प्रशासन ने प्रत्याशियों की होर्डिंग, बैनर उतरवा दिए हैं वहीं प्रत्याशियों के समर्थकों ने रंग-बिरंगे पोस्टरों से गली मोहल्लों में घरों की दीवारें भर दी हैं। इन ग्राम पंचायतों में प्रधान पद की महिला सीटों पर उनके पति ने जीत को अपनी प्रतिष्ठा का पर्याय बना लिया है। जिन महिलाओं ने कभी घर की देहरी नहीं लांघी वह प्रधान बनने की चाह में गली मोहल्लों में घर-घर जाकर वोट मांग रही हैं।
अलीगंज। प्रत्याशी देर रात तक लोगों के दरवाजों पर दस्तक देकर वोट मांगते देखे गए। प्रचार के अंतिम दौर में एक प्रत्याशी के जाने पर तुरंत दूसरा प्रत्याशी ने अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा था। कुछ प्रत्याशी ऐसे हैं जो कभी किसी के सामाजिक कार्यों और राष्ट्रीय पर्वों में भी नहीं दिखे, होली, दीवाली, ईद में मिलने जुलने के लिए समय नहीं निकाल पाए वह आज प्रत्याशी होकर समाज सेवक बनकर चिकनी चुपड़ी बातों को सुनाकर वोटरों को फुसला रहे हैं। वोटर भी कम होशियार नहीं है जो प्रत्याशियों की हां में हां कर रहे हैं और अपना पत्ता नहीं खोल रहे है।