हापुड़ का हिस्ट्रीशीटर एनकाउंटर में ढेर... उद्योगपति को 30 मिनट में 15 बार कॉल कर धमकी देना पड़ा भारी
हापुड़ के उद्योगपति नरेंद्र अग्रवाल को जान से मारने की धमकी देने वाले शातिर बदमाश श्याम प्रताप को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। ...और पढ़ें
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एनकाउंटर में मारा गया हिस्ट्रीशीटर बदमाश। जागरण
HighLights
उद्योगपति नरेंद्र अग्रवाल को मिली जान से मारने की धमकी।
पुलिस ने लोकेशन ट्रेस कर बदमाश श्याम प्रताप को घेरा।
मुठभेड़ में शातिर डकैत श्याम प्रताप गंभीर रूप से घायल, मौत।
जागरण संवाददाता, हापुड़। नगर के प्रमुख उद्योगपति एवं एटीएम के चेयरमैन नरेंद्र अग्रवाल को बृहस्पतिवार को 30 मिनट में 15 बार फोन कॉल की गई। इनसे उनको जान से मारने की धमकी देने के साथ ही गाली-गलौच की गई।
पुलिस का दावा है कि उद्योगपति ने उसकी शिकायत एसपी से की। मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस ने धमकी देने वाले की घेराबंदी की और मुठभेड़ में उसको मार गिराया। बाद में मरने वाले की पहचान उद्योगपति के यहां डकैती डालने वाले शातिर बदमाश श्याम प्रताप के रूप में हुई।
पुलिस की एनकाउंटर की यह इनसाइड स्टोरी रविवार को सामने आई, जो ज्यादातर लोगों के गले नहीं उतर रही है।
पुलिस के अनुसार, बृहस्पतिवार शाम 7:58 बजे से नरेंद्र अग्रवाल के मोबाइल फोन पर एक अज्ञात नंबर से लगातार कॉल आनी शुरू हुईं। व्यस्त होने के कारण वह कॉल रिसीव नहीं कर सके। करीब आधे घंटे के भीतर 15 बार कॉल आने पर उन्होंने बाद में उक्त नंबर पर वापस संपर्क किया।
बताया कि कॉलर आईडी में श्याम प्रताप नाम प्रदर्शित हुआ। आरोप है कि फोन पर श्याम प्रताप ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी और जमकर अभद्र भाषा का प्रयोग किया।
दो सप्ताह पहले ही नरेंद्र अग्रवाल के यहां पर दो करोड़ रुपये की डकैती पड़ी थी। इसमें लुटेरों ने बंधक बनाकर करीब दो करोड़ रुपये के आभूषण व नकदी लूट लिए थे। अब उनको बार-बार जान से मारने की धमकी दी जा रहीं थीं।
इस घटना से चिंतित उद्योगपति ने तत्काल पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह को मामले की जानकारी देते हुए शिकायत सौंपी। एसपी के निर्देश पर पुलिस ने संबंधित नंबर को सर्विलांस पर लगाया और आरोपी की लोकेशन ट्रेस की। लोकेशन के आधार पर पुलिस ने कॉल करने वाले को सर्च किया और वाहन चेकिंग अभियान चलाया।
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बदमाश की तलाश में जुटी थी पुलिस
इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए बदमाश की तलाश शुरू कर दी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शिकायत मिलने के लगभग चार घंटे बाद ही पुलिस की श्याम प्रताप से मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ के दौरान वह गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में उसकी मृत्यु हो गई। श्याम प्रताप रामपुर जिले का हिस्ट्रीशीटर एवं गैंगस्टर बताया जा रहा है। पुलिस मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
कहानी कुछ समझ नहीं आई
श्याम प्रताप शातिर अपराधी था। वह लूट और डकैती की घटनाओं को पहले भी अंजाम दे चुका था। वह धमकी देने पर सिम को केवल एक ही बार प्रयोग करता था। पुलिस की इस कहानी में लोगों को दो उलझन नजर आ रही हैं। एक तो जब उद्याेगपति के यहां पर वह डकैती की वारदात को अंजाम दे चुके और उसके छह साथी पकड़ लिए गए, जिनमें से दो को गाेली भी लगी। उसके बाद वह उद्योगपति को क्या धमकी दे रहा था, उनसे क्या चाहता था।
वहीं, धमकी देने के लिए आधे घंटे में 15 बार कॉल की गईं। सवाल यह भी है कि धमकी देने के बाद वह चार घंटे तक शहर के आसपास ही घूमता रहा। वहीं, रात को शहर में अकेला आ भी रहा था। यदि यह सच है ताे घोर नादानी है, जिसका फायदा पुलिस ने उठाया और उसको मार गिराया।