चंदौली। सिविल बार एसोसिएशन की ओर से सदर तहसील सभागार में सोमवार को समाजवादी चिंतक एवं अधिवक्ता स्व. बाबू सागर सिंह की जंयती मनाई गई। इस दौरान विचार गोष्ठी हुई, जिसका शुभारंभ जिला जज प्रमोद कुमार शर्मा ने किया। जिला जज ने कहा कि समाज को बेहतर बनाने में योगदान देने वाला व्यक्ति ही महान होता है। उन्होंने कहा कि बाबू सागर सिंह स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को मिलने वाली पेंशन को लेने से मना कर दिया था। वे अधिवक्ता होने के साथ साहित्यकार भी थे। उनके बताए मार्ग का अनुशरण करना चाहिए। प्रो. संत कुमार त्रिपाठी ने कहा कि माननियां आज के समाज को दीपक की तरह अलौकिक कर रही है। साधारण बाने में रहकर बाबू सागर सिंह ने जो लिखा, वही माननियां है। वह भारतीय परम्परा एवं संयुक्त परिवार के पोषक थे। वहीं वरिष्ठ अधिवक्ता मुरलीधर सिंह को स्मृति चिह्न व अंगवस्त्रम भेंट कर सम्मानित किया गया। इस दौरान अपर सत्र न्यायाधीश राजेश राय, राजेंद्र सिंह, अरविंद यादव, सुधाकर राय, सीजीएम त्रिपुरारी मिश्र, योगेश दूबे, अमित यादव, विपिन यादव, चंद्रमौली उपाध्याय, कपिलदेव सिंह, योगेंद्र मिश्रा, शिवराज सिंह, रमाशंकर खरवार, उमेश राय, एल उमाशंकर, महेंद्र प्रताप, मनोज पांडेय, दीनानाथ मौर्या रहे। अध्यक्षता कामेश्वर नाथ मिश्र और संचालन शशिशंकर सदिंह व अभार विनोद कुमार सिंह ने किया।