आजमगढ़। धान की रोपाई शुरू हो चुकी है। 250 सहकारी समितियों में से ज्यादातर समितियों पर डीएपी नहीं है। इससे किसान परेशान हैं। बाजार से ऊंचे दामों पर डीएपी खरीदकर खेतों में डालने के लिए किसान मजबूर हैं। इस बार जनपद में 1.69 लाख हेक्टेयर में धान की खेती का लक्ष्य रखा गया है। अच्छी पैदावार के लिए धान की रोपाई के समय किसान खेतों में डीएपी डालते हैं। सहकारिता विभाग किसानों को 2500 टन डीएपी, एनपीके और 1500 टन यूरिया उपलब्ध कराने का दावा कर रहा है। मंगलवार को हमारी टीम ने पड़ताल की तो पता चला कि ज्यादातर समितियों के गोदाम खाली हैं। खाद कब आ रही है पता ही नहीं चल रहा: किसान विनोद सिंह, केशव यादव, राजनरायण ने बताया कि समिति पर डीएपी कब पहुंच रही है और कब खत्म हो जा रही यह पता ही नहीं चल रहा है। पल्हना ब्लॉक के जमुई चक भटौली, लहुआ खुर्द, कटाई, खजूरी में डीएपी खत्म हो चुकी है। सरायमीर में पेंड्रा समिति पर डीएपी है। रानी की सराय क्षेत्र की लक्ष्यरामपुर-गंभीरबन में भी डीएपी खत्म है। यही हाल बूढ़नपुर क्षेत्र के एकडंगी, बासी जफ्ती माफी, सरवनपुर, बूढ़नपुर, भाऊपुर समिति का है।