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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   The power has changed but not stopped in the city.

सत्ता तो बदल गई पर रुके नहीं शहर में चल रहे गोरखधंधे

अभिषेक शर्मा Updated Sun, 26 Mar 2017 02:21 AM IST
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योगी सरकार के गठन के बाद माफिया राज, ठेका प्रथा, भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद पर जीरो टॉलरेंसी के बयान ने अपने जिले के संगठित कारोबारों पर ध्यान आकर्षित कराया है। जिले में आधा दर्जन से ज्यादा ऐसे धंधे हैं, जो ‘गोरखधंधों’ की तर्ज पर चल रहे हैं।

हर बार इनसे जुड़े सिंडीकेट सत्ता परिवर्तन के समय नया ठिकाना तलाश लेते हैं और उनके ‘गोरखधंधे’ फिर अनवरत हो जाते हैं। ऐसे में जरूरी है कि अपने जिले में पुलिस प्रशासनिक अमला व सत्ता से जुड़े लोग इन ‘गोरखधंधों के प्रति जीरो टॉलरेंसी दिखाए, ताकि सरकार का साफ छवि का सपना पूरा हो सके।
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उदाहरण के तौर पर अगर हम नुमाइश मैदान के बालू-बदरपुर के ठेके की बात करें तो नियमत: यहां मंडी लगती है। इसके लिए मैदान में आकर खड़े होने वाले ट्रकों से ही पर्ची कटेगी। नियमत: यह ट्रक यहां खाली नहीं होंगे। इसके विपरीत इस ठेके के नाम पर जिले भर में वसूली होती है और नुमाइश मैदान में खुलेआम फड़ लगाकर माल बिकता है। अब स्थिति यह है कि कोई सांकरा से माल लेकर राजस्थान जा रहा है तो भी इस ठेके के नाम पर पर्ची कटानी होगी। 
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इसी तरह कठपुला से अवैध रूप से संचालित बस अड्डा, वाणिज्यकर की चोरी से चलने वाले ट्रांसपोर्ट, ट्रैफिक पुलिस के इशारे पर तमाम लोग हाईवे पर वसूली करते हैं। वह जिन्हें कोड दे देते हैं, उन्हें कभी ट्रैफिक वाले नहीं छेड़ते। इसकी रजिस्टर्ड डाक से गुप्त शिकायत भी एसएसपी को हुई है, जिसमें वसूली करने वालों के नंबर, नाम व कोड तक दिए गए हैं। कुल मिलाकर इन धंधों पर रोकथाम जरूरी है। 
 इन धंधों में हो रही कानून की अनदेखी 
नुमाइश मैदान का बालू बदरपुर के ट्रक खड़े करने का ठेका
शहर के कुछ ठिकानों से अवैध रूप से बस अड्डे भी चलते
शहर के आधा दर्जन टैंपो-टिर्री स्टैंड सड़क पर ही चलते हैं
वाणिज्य कर की चोरी से शहर में काफी वाहन चलते हैं
ट्रैफिक पुलिस की मिलीभगत से बाहरी वाहनों से वसूली भी
 टप्पल के जरिए हरियाणा से यूपी की सीमा में शराब तस्करी
 गंगा-यमुना के सहारे बालू का अवैध रूप से खनन भी होता

 शासन की मंशा है कि जब हर गलत धंधे में जीरो टॉलरेंसी जरूरी है तो यहां भी डीएम-एसएसपी को अपने स्तर पर पारदर्शिता रखकर इस दिशा में काम करना होगा। किसी को नियम नहीं तोड़ने देना चाहिए, अगर ऐसा नहीं हुआ और शिकायत मिली तो हम शासन में इस मसले पर आवाज उठाएंगे।
- अनिल पाराशर, विधायक कोल

 अपने जिले में कई धंधे ऐसे हैं, जिनकी वजह से पूर्व में सत्ता से जुड़े लोग चर्चा में रहते थे। इस बार भी लोग उन धंधों को चलाने की मंशा में हैं। हम ऐसे धंधों की सूची बना रहे हैं और उनके खिलाफ जिले से लेकर शासन स्तर तक बंद कराने के लिए आवाज उठाएंगे।
- यतिन दीक्षित, भाजयुमो जिलाध्यक्ष
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