माइटाेकांड्रिया से हासिल हो सकेगा अब DNA, नई तकनीक से लैस हुई अब आगरा की फोरेंसिक लैब; UP के तीन शहरों में ये सुविधा
आगरा फोरेंसिक लैब अब माइटोकांड्रिया से डीएनए निकालने वाले उच्च तकनीकी उपकरणों से लैस हो गई है, जिससे यह सुविधा पाने वाली प्रदेश की तीसरी लैब बन गई है। ...और पढ़ें

आगरा की विधि विज्ञान प्रयोगशाला।
जागरण संवाददाता, आगरा। माइटोकांड्रिया से डीएनए हासिल करने वाले उच्च तकनीकी क्षमता वाले उपकरणों से आगरा फोरेंसिक लैब भी लैस हो गई है। यह प्रदेश की तीसरी लैब है, जिसमें उक्त तकनीक से डीएनए हासिल करने की सुविधा होगी। अब तक यह तकनीकी और सुविधा लखनऊ एवं मुरादाबाद की लैब में थी। उपकरण को लैब में इंस्टाल करने का कार्य एक महीने में पूरा हो जाएगा।
आगरा लैब ए श्रेणी में आती है, लेकिन इसमें माइटोकांड्रिया से डीएनए नमूना हासिल करने वाले उपकरण नहीं थे। मथुरा के बल्देव में 16 दिसंबर 2025 को हुए भीषण हादसे में नौ वाहनों में आग लगने से 19 लोगों की मृत्यु हो गई थी। जिनमें 15 शवों की शिनाख्त डीएनए की मदद से की गई। सभी का डीएनए परीक्षण आगरा फोरेंसिक लैब में हुआ था। मगर, दो नमूनों से डीएनए नहीं निकाला जा सका था।
उक्त नमूनों के माइटोकांड्रिया से डीएनए निकालने के लिए उन्हें लखनऊ लैब भेजा गया था। जिसके बाद से आगरा फोरेंसिक लैब के डीएनए अनुभाग में भी उच्च क्षमता वाले तकनीक उपकरण स्थापित करने की आवश्यकता महसूस की गई थी।
फोरेंसिक लैब के संयुक्त निदेशक अशोक कुमार ने उपकरणों का प्रस्ताव शासन को भेजा था। धनराशि स्वीकृत होने के बाद उपनकरणों की खरीदा गया था। इस महीने वह फोरेंसिक लैब को मिल गए हैं। जिन्हें एक महीने मे इंस्टाल करने के बाद यह उपकरण काम करना शुरू कर देंगे।