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    FSSAI का बड़ा एक्शन: No Added Sugar और 100% Natural दावों पर 12 कंपनियों को नोटिस

    Updated: Mon, 22 Jun 2026 01:57 AM (IST)

    भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने भ्रामक दावों के लिए कई खाद्य ब्रांडों को नोटिस जारी किए हैं, जिनमें 'नो एडेड शुगर' और '100% नेच ...और पढ़ें

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    जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने कई खाद्य ब्रांडों (फूड बिजनेस आपरेटरों) को नोटिस जारी किए हैं। इन कंपनियों पर ब्रांड नाम, ट्रेड नाम और उत्पाद से जुड़े भ्रामक दावे कर उपभोक्ताओं को गुमराह करने के आरोप है। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं मानक कानून के तहत की गई है।

    एफएसएसएआई ने संबंधित कंपनियों को सुधारात्मक कदम उठाने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। एफएसएसएआई ने एक्स पर उन फूड बिजनेस आपरेटरों की पूरी सूची साझा की है जिन्हें नोटिस जारी किए गए है। इनमें प्लक्क मैंगो फ्रुट जूस, नेचुरल पनीर, गौर हेल्दी फ़ूड का सिल्कन टोफ़ू , मास्टरचाउ फूड्स – रामेन नूडल्स, किंडर जाय शामिल हैं।

    कोई अतिरिक्त चीनी नहीं का दावा निकला झूठा

    प्लक्क मैंगो फ्रुट जूस के पैक पर साफ़ तौर पर “नो एडेड शुगर” (कोई अतिरिक्त चीनी नहीं) का दावा किया गया था। हालांकि, इसकी सामग्री की सूची से पता चला कि इसमें 51 प्रतिशत आम का गूदा और 49 प्रतिशत गन्ने का रस था। नो एडेड शुगर का दावा भ्रामक है। नेचुरल पनीर ब्रांड ने अपनी पैकेजिंग पर "नेचुरल पनीर" नाम का इस्तेमाल किया। एफएसएसएआइ ने पाया कि यह खाद्य सुरक्षा और मानक विनियम, 2018 की अनुसूची पांच का उल्लंघन है।

    गौर हेल्दी फ़ूड – सिल्कन टोफू के लेबल पर "100% वेज" (शत प्रतिशत शाकाहारी) लिखा है। यह एफएसएसएआइ की एडवाइजरी का उल्लंघन है। इसमें बिना किसी ठोस जानकारी के न्यूट्रिशन से जुड़े दावे किए गए थे, जैसे कि "विटामिन से भरपूर" (बिना सही मात्रा बताए), और साथ ही "कैंसर-रोधी गुण" जैसे चिकित्सीय दावे भी किए गए थे।

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    मास्टरचाउ फूड्स – रामेन नूडल्स की पैकेजिंग पर "100% नेचुरल" और "फ्रेशली मेड" जैसे शब्दों का इस्तेमाल करने पर सवाल उठाए गए। इसे "हाई-क्वालिटी आर्गेनिक आटे" से बना बताकर बेचा गया था, लेकिन सामग्री की लिस्ट में आटे को आम "प्रीमियम क्वालिटी सफेद आटा" बताया गया था। फेरेरो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड – किंडर जाय पर "रिच इन मिल्क सालिड्स" (दूध के ठोस पदार्थों से भरपूर) का दावा प्रमुखता से दिखाने के लिए सवाल उठाए गए।

    शुद्ध और सेहतमंद जैसे गुमराह करने के दावे

    नोटिस के अनुसार, इसमें इस्तेमाल की गई सामग्री यह साबित नहीं करती कि इसमें दूध के ठोस पदार्थ मुख्य हिस्सा हैं। मेडाइज़ेन लैब्स का एटम पीडब्ल्यूआर व्हे प्रोटीन एक्सएल पर "प्योर एंड हेल्दी " (शुद्ध और सेहतमंद) और "100% आथेंटिक" (100% असली) जैसे गुमराह करने वाले दावे करने के लिए सवाल उठाए गए थे।

    सैफोला टोटल हार्ट प्रो कुकिंग आयल प्रोडक्ट पर भ्रामक तस्वीरों और "हार्ट प्रो" जैसे दावों के लिए सवाल उठाए गए, जिनसे दिल की सेहत से जुड़े ऐसे फ़ायदों का संकेत मिल सकता है जो प्रमाणित नहीं हैं।

    आरविल – माउंटेन बावर्ची बुरांश स्क्वैश के लेबल पर बुरांश पल्प (गूदे) की मात्रा के बारे में ज़रूरी जानकारी नहीं दी गई है। साथ ही, इसकी पैकेजिंग पर इसके औषधीय गुणों से जुड़े भ्रामक दावे पाए गए। नेक्सा इंडस्ट्रीज के अल्कलाइन न्यूट्रिएंट वाटर ब्रांड का नाम और "अल्कलाइन न्यूट्रिएंट वाटर" कैटेगरी, भारतीय खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत मानकों के अनुरूप नहीं हैं। इस प्रोडक्ट पर स्वास्थ्य से जुड़े ऐसे दावे करने के लिए भी आपत्ति जताई गई थी, जो अधिकृत नहीं थे।

    इसके अलावा, साफ-सफ़ाई के मानकों को लेकर इंटरनेट मीडिया पर मिली शिकायत के बाद एफएसएसएआइ ने बीकानेरवाला को नोटिस भेजा। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि काम के समय किचन या सर्विस एरिया के अंदर कर्मचारी खाना खा रहा था।

    कंपनी से कहा गया है कि वह इस मामले की जांच करे, कर्मचारियों की साफ़-सफ़ाई के लिए अपनी स्टैंडर्ड आपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) बताए, उठाए गए सुधारात्मक कदमों की जानकारी दे और 'एक्शन टेकन रिपोर्ट' (कार्रवाई की रिपोर्ट) जमा करे। आईआरसीटीसी कैटरिंग सर्विस के जरिये सप्लाई किए जाने वाले दही और रबड़ी के प्रोडक्ट्स में फंगस की शिकायतें मिलने के बाद, 'परम डेयरी लिमिटेड' की भी जांच शुरू हो गई है।