कश्मीर में पत्थर बरसाने और बंदूक उठाने के लिए भारत जिम्मेदार
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पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि केंद्र सरकार हमें गरीबी के दलदल से बाहर निकाले। उन्होंने केंद्र सरकार की ओर इशारा करते हुए कहा कि मैं कहना चाहती हूं कि यदि कश्मीर का 14 साल का युवा पत्थरबाजी में शामिल होता है या फिर बीए-एमए पास पढ़ा लिखा युवा बंदूक उठाता है तो इसकी जिम्मेदारी भारत सरकार को लेनी होगी।
यह पाकिस्तान की जिम्मेदारी नहीं है। यह भारत सरकार की जिम्मेदारी है कि राज्य की जनता जिन समस्याओं को झेल रही है उससे निजात दिलाए। वे गांधीनगर स्थित पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित कर रही थी।
उन्होंने कहा भारत पाक पड़ोसी देशों में जंग विकल्प नहीं है। दोनों परमाणु संपन्न राष्ट्र हैं और अगर इस बार युद्ध हुआ तो तबाही ही तबाही होगी। उन्होंने कहा, जब जंग की जरूरत नहीं तो फिर बात करने में परेशानी नहीं होनी चाहिए।
वाजपेयी की अदूरदर्शिता से माहौल बेहतर हुआ
केंद्र में जब वाजपेयी सरकार थी, तब भी ऐसा ही माहौल था, मगर वाजपेयी की अदूरदर्शिता से माहौल बेहतर हुआ। पाकिस्तान से तो वार्ता हुई ही। कश्मीर के अलगाववादियों से भी बातचीत का चलन चला।
उन्होंने कहा भारत पाकिस्तान दोनों गरीब देश हैं। पाकिस्तान की हालत और भी खराब है। मगर वहां की सेना ठाठ से है। भारत में पूर्व सैनिक वन रैंक वन पेंशन की मांग कर रहे हैं।
दोनों देशों के पास जन सुविधाओं के लिए पैसे की कमी है लेकिन हथियार खरीदने के लिए पैसा है।