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मांगे पूरी नहीं हुई तो धरना देकर करेंगे महाप्रबंधक का घेराव
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बिलासपुर। बिरोजा व तारपीन कारखाना वर्कर यूनियन ने कारखाना प्रबंधन को मांगों को लेकर आंदोलन एवं धरना प्रदर्शन का अल्टीमेटम दिया है। यूनियन ने कहा कि अगर उनके 21 सूत्रीय मांग पत्र पर कोई कार्रवाई नहीं की तथा मांगों को लागू नहीं किया तो यूनियन फैक्टरी गेट पर धरना-प्रदर्शन करने पर बाध्य होगी जिसकी जिम्मेवारी तारपीन कारखाना प्रबंधन की होगी। साथ ही महाप्रबंधक कार्यालय का भी घेराव किया जाएगा।
यूनियन का कहना है कि डेढ़ वर्ष पहले वन मंत्री ने 21 सूत्रीय मांग पत्र पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया था लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है जिससे कामगारों में भारी गुस्सा है।
यहां पर जारी ब्यान में यूनियन के अध्यक्ष बाबू राम चौधरी, सचिव भोला दत्त, वरिष्ठ उपप्रधान प्यार सिंह, उपप्रधान जगदीश राम, मुख्य सलाहकार नरेश कुमार, सलाहकार रामलाल सुमन, प्रेस सचिव देवराज, प्रचार मंत्री नंदलाल, संसार चंद, राहुल, बाबू राम, सुशांत कुमार व अनुराग ने कहा कि यूनियन ने मांगों के संदर्भ में महाप्रबंधक को 14 दिन का स्ट्राइक नोटिस दिया है। उन्होंने कहा कि 19 जनवरी 2018 को यूनियन के पदाधिकारियों ने 21 सूत्रीय मांग पत्र महाप्रबंधक को सौंपा था, जिसमें से कुछ मांगों का निपटारा वन मंत्री ने फैक्टरी निरीक्षण के दौरान कर दिया था और शेष बची मांगों को प्रबंध निदेशक व महाप्रबंधक को जल्द से जल्द लागू करने के आदेश जारी किए थे, लेकिन डेढ़ वर्ष बीत जाने के बाद भी मांगों को लागू नहीं किया है।
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यूनियन के प्रधान बाबू राम चौधरी ने कहा कि डेढ़ वर्ष बीत जाने के बाद भी 21 सूत्रीय मांग पत्र में से 11 मांगे लागू नहीं हुई हैं, जिसके लिए यूनियन ने औद्योगिक अधिनियम के तहत मांगों के संदर्भ में तीन जून को 14 दिन का नोटिस महाप्रबंधक को दिया है। उन्होंने कहा कि महाप्रबंधक द्वारा श्रम कानून, फैक्टरी एक्ट, सोशल सिक्योरिटी एक्ट व औद्योगिक विवाद अधिनियम की खुलेआम अवहेलना की जा रही है। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि 21 सूत्रीय मांग पत्र में शेष बची 11 मांगों को जल्द प्रबंध निदेशक को सुलझाने के आदेश जारी किए जाएं।
यूनियन का कहना है कि डेढ़ वर्ष पहले वन मंत्री ने 21 सूत्रीय मांग पत्र पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया था लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है जिससे कामगारों में भारी गुस्सा है।
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यहां पर जारी ब्यान में यूनियन के अध्यक्ष बाबू राम चौधरी, सचिव भोला दत्त, वरिष्ठ उपप्रधान प्यार सिंह, उपप्रधान जगदीश राम, मुख्य सलाहकार नरेश कुमार, सलाहकार रामलाल सुमन, प्रेस सचिव देवराज, प्रचार मंत्री नंदलाल, संसार चंद, राहुल, बाबू राम, सुशांत कुमार व अनुराग ने कहा कि यूनियन ने मांगों के संदर्भ में महाप्रबंधक को 14 दिन का स्ट्राइक नोटिस दिया है। उन्होंने कहा कि 19 जनवरी 2018 को यूनियन के पदाधिकारियों ने 21 सूत्रीय मांग पत्र महाप्रबंधक को सौंपा था, जिसमें से कुछ मांगों का निपटारा वन मंत्री ने फैक्टरी निरीक्षण के दौरान कर दिया था और शेष बची मांगों को प्रबंध निदेशक व महाप्रबंधक को जल्द से जल्द लागू करने के आदेश जारी किए थे, लेकिन डेढ़ वर्ष बीत जाने के बाद भी मांगों को लागू नहीं किया है।
यूनियन के प्रधान बाबू राम चौधरी ने कहा कि डेढ़ वर्ष बीत जाने के बाद भी 21 सूत्रीय मांग पत्र में से 11 मांगे लागू नहीं हुई हैं, जिसके लिए यूनियन ने औद्योगिक अधिनियम के तहत मांगों के संदर्भ में तीन जून को 14 दिन का नोटिस महाप्रबंधक को दिया है। उन्होंने कहा कि महाप्रबंधक द्वारा श्रम कानून, फैक्टरी एक्ट, सोशल सिक्योरिटी एक्ट व औद्योगिक विवाद अधिनियम की खुलेआम अवहेलना की जा रही है। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि 21 सूत्रीय मांग पत्र में शेष बची 11 मांगों को जल्द प्रबंध निदेशक को सुलझाने के आदेश जारी किए जाएं।