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    दिल्ली पुलिस की नई पहल, बिना कोर्ट के चक्कर लगाए साइबर ठगों के पीड़ितों को वापस मिल रही रकम

    Updated: Sat, 20 Jun 2026 05:42 AM (IST)

    दिल्ली पुलिस ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के I4C के मनी रेस्टोरेशन माड्यूल (MRM) के तहत साइबर ठगी के शिकार पीड़ितों को बिना कोर्ट जाए उनकी फ्रीज की गई रकम ...और पढ़ें

    साइबर ठगी का मामला।

    साइबर ठगी का मामला।

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। साइबर ठगी के शिकार पीड़ितों को अपनी रकम वापिस पाने के लिए कोर्ट के चक्कर लगाने पड़ते थे। अब दिल्ली पुलिस ने एक नई पहल की है, जिससे बिना कोर्ट के चक्कर लगाए पीड़ितों को रकम वापिस मिलना शुरू हो गया है।

    केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत इंडियन साइबर क्राइम कोआर्डिनेशन सेंटर (आइ4सी) द्वारा विकसित मनी रेस्टोरेशन माड्यूल (एमआरएम) साइबर ठगी के शिकार लोगों को 50 हजार रुपये तक की लीन (फ्रीज) वाली रकम वापस दिलाने में मदद कर रहा है। इसके तहत मध्य जिला पुलिस ने 34 मामलों में साइबर धोखाधड़ी के शिकार पीड़ितों को 3.59 लाख वापस भी दिलाए हैं।

    मध्य रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त मधुर वर्मा के मुताबिक, यह माड्यूल पुलिस यूनिट्स को सही मामलों पर एक व्यवस्थित और तय समय-सीमा के भीतर कार्रवाई करने में सक्षम बनाता है। इससे उन पीड़ितों को राहत मिलती है, जिनकी रकम बैंकिंग हस्तक्षेप के जरिये फ्रीज की गई है।

    इसी के तहत आइ4सी के जरिये एमआरएम के 70 मामले मध्य जिला की साइबर थाना पुलिस को मिले थे। इनमें 34 मामलों में पीड़ितों को 3.59 लाख वापस दिलाए गए। बाकी बचे 36 पीड़ितों के मामले पर भी कार्यवाही चल रही है।

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    क्या है पूरी प्रक्रिया

    एमआरएम के तहत अनुरोध आइ4सी से मिलते हैं, जो आधिकारिक ईमेल के जरिये साझा की गई गूगल शीट्स के माध्यम से आते हैं। अनुरोध मिलने पर, संबंधित पीड़ित से फोन पर संपर्क किया जाता है और उसे रकम वापसी की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जाती है।

    इसके बाद पीड़ित को थाने बुलाया जाता है और 10 रुपये का स्टांप पेपर व पैन कार्ड की कापी ली जाती है। इसके लिए पहचान की पुष्टि, जरूरी दस्तावेज जमा करने और तय हर्जाना-भरपाई बांड पूरा करने के लिए शिकायतकर्ता का खुद मौजूद होना जरूरी है। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद, संबंधित दस्तावेजों की जांच की जाती है और सक्षम अधिकारियों द्वारा मंजूरी और आगे की कार्रवाई के लिए एमआरएम पोर्टल पर अपलोड किया जाता है।

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    एक विशेष कर्मचारी किया गया नियुक्त

    धोखाधड़ी से गंवाए गए पैसे को समय पर वापस दिलाने के महत्व को समझते हुए, एमआरएम से जुड़े कामों के लिए खासतौर पर एक कर्मचारी नियुक्त किया गया है। यह शिकायत करने वालों से संपर्क करने, जरूरी कागजी कार्रवाई में मदद करने, केस की प्रगति पर नजर रखने, पोर्टल पर दस्तावेज अपलोड करने और लंबित अनुरोधों का जल्द निपटारा सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार है।