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    दिल्ली: ईस्ट ऑफ कैलाश में नलों से आ रहा 'जहर'! लोग पड़ रहे बीमार, प्रशासन से पानी जांचने की गुहार

    Updated: Fri, 19 Jun 2026 11:08 PM (IST)

    ईस्ट ऑफ कैलाश में पिछले चार महीनों से लोग दूषित पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं, जिससे सीवर जैसा गंदा पानी घरों में आ रहा है। इस कारण कई लोग बीमार पड़ ...और पढ़ें

    ईस्ट आफ कैलाश में पिछले चार महीनों से लोग दूषित पेयजल की समस्या से त्रस्त।

    ईस्ट आफ कैलाश में पिछले चार महीनों से लोग दूषित पेयजल की समस्या से त्रस्त।

    HighLights

    1. ईस्ट ऑफ कैलाश में चार माह से दूषित पेयजल आपूर्ति।

    2. सीवर मिश्रित पानी से लोग पेट दर्द, डायरिया से पीड़ित।

    3. जल बोर्ड, एमसीडी को शिकायतें, समाधान नहीं हुआ।

    जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। ईस्ट आफ कैलाश में पिछले चार महीनों से लोग दूषित पेयजल की समस्या से त्रस्त हैं। घरों में सीवर जैसे गंदे और बदबूदार पानी की आपूर्ति हो रही है। दूषित पानी मिलने की वजह से लोगों को गर्मी में रोजाना के कार्यों के लिए भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।

    स्थानीय निवासियों की शिकायत है कि कई जगहों पर पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त है, जिसकी वजह से पानी में सीवर मिक्स हो रहा है। लोग दूषित पानी पीकर बीमार हो रहे हैं और इसे लेकर संबंधित विभागों को कई शिकायतें की जा चुकी हैं।

    ईस्ट आफ कैलाश के बी-ब्लाक में एसएफएस फ्लैट्स के निवासियों के अनुसार कई बार पीने का पानी मटमैला और कई बार बिल्कुल काला और बदबूदार आ रहा है। रोजाना मोटर चलाने पर कुछ समय तक घरों में गंदा पानी पहुंचता है। इसकी वजह से लोग सप्लाई का पानी इस्तेमाल ही नहीं कर पा रहे हैं और टैंकर मंगवाकर गुजारा करने को मजबूर हैं।

    पिछले दिनों शिकायतों के बाद दिल्ली जल बोर्ड की टीम ने आकर जांच भी की थी, लेकिन समस्या हल नहीं हुई। इस बारे में आरडब्ल्यूए ने दिल्ली जल बोर्ड, एमसीडी और जनप्रतिनिधियों से शिकायत कर राहत दिलाने की मांग की है।

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    गंदे पानी से लोग हो रहे बीमार

    इलाके के करीब चार ब्लाक्स में 80 परिवार दूषित पेयजल की परेशानी से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। लोगों का आरोप है कि दूषित पानी की वजह से कई लोग पेट दर्द, डायरिया, और इंफेक्शन जैसी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना कर चुके हैं। 34-बी फ्लैट में एक तीन साल का बच्चा पेट में इंफेक्शन की वजह से पांच दिनों से अस्पताल में भर्ती है।

    लोगों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों की सेहत सबसे ज्यादा प्रभावित है। इसे लेकर आरडब्ल्यूए ने जल बोर्ड के अधिकारियों, एमसीडी कमिश्नर, महापौर सहित स्थानीय विधायक को शिकायत भेजी है। इसमें लिखा है कि मामले को तत्काल गंभीरता से लेते हुए पानी और सीवर लाइनों की जांच करवाई जाए और लीकेज का पता लगाकर समाधान किया जाए। साथ ही पानी की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग भी उठाई है।

    घरों में दूषित पेयजल की समस्या को विभागों को गंभीर जनस्वास्थ्य परेशानी के तौर पर देखना चाहिए। हमारे घरों में लोग पानी की वजह से बीमार हो रहे हैं। लंबे समय से हम लोग शिकायत कर रहे हैं, लेकिन समस्या दूर करने के नाम पर खानापूरी कर दी जाती है। हमने पत्र लिखकर पाइपलाइनों की जांच करने, क्षतिग्रस्त लाइनों को ठीक करने और सीवर चैंबरों की सफाई सुनिश्चित कर समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग उठाई है। - अरविन्द पाहूजा, सदस्य, आरडब्ल्यूए वर्किंग कमेटी

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