'24 साल पहले बोया था जो बीज, वो आज...', क्यों भावुक हुए वेदांता वाले अनिल अग्रवाल? बोले- $100 अरब की कंपनियां बनाऊंगा
Vedanta Demerger Latest News: वेदांता चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने चार नई कंपनियों की लिस्टिंग पर भावुक पोस्ट किया, इसे 24 साल पहले बोए गए बीज का मजबूत पेड ...और पढ़ें

'100 अरब डॉलर की कंपनियां', 24 साल पुराना सपना साकार हुआ तो भावुक हुए वेदांता वाले अनिल अग्रवाल
HighLights
अनिल अग्रवाल वेदांता की 4 नई कंपनियों की लिस्टिंग पर भावुक।
24 साल पहले बोया बीज, अब मजबूत पेड़ बन चुका है।
प्रत्येक नई कंपनी में 100 अरब डॉलर बनने की क्षमता।
नई दिल्ली | "कल का दिन मेरे लिए ऐतिहासिक ही नहीं, बल्कि बेहद भावुक भी रहा। क्योंकि, 24 साल पहले जो बीज बोया था, वो अब एक मजबूत पेड़ बन चुका है।" ये कहना है वेदांता चेयरमैन अनिल अग्रवाल (Anil Agarwal Vedanta) का, जिन्होंने वेदांता की चार नई कंपनियों की लिस्टिंग (Vedanta 4 new companies listing) पर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं और सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट किया।
'24 साल पहले जो बीज बोया था, वो आज...'
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि,
इस उपलब्धि ने उन्हें 24 साल पहले का वह समय याद दिला दिया, जब वेदांता रिसोर्सेज की लंदन में लिस्टिंग हुई थी। उस समय जो बीज बोया गया था, आज वह एक मजबूत पेड़ बन चुका है और अब वेदांता की हर नई इकाई अपने दम पर आगे बढ़ने के लिए तैयार है। यह इन कंपनियों की यात्रा की सिर्फ शुरुआत है। उनका मानना है कि वेदांता की प्रत्येक नई कंपनी में 100 अरब डॉलर की कंपनी बनने की क्षमता मौजूद है।"
शेयर होल्डर्स का जताया आभार
अग्रवाल ने इस मौके पर शेयरधारकों, सरकार और वेदांता के लाखों कर्मचारियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इन्हीं लोगों के भरोसे और समर्थन ने समूह को यहां तक पहुंचाया है और आगे के विकास चरण में भी उनका सहयोग बेहद महत्वपूर्ण रहेगा।
Yesterday was truly a historic and deeply emotional day for me.
— Anil Agarwal (@AnilAgarwal_Ved) June 16, 2026
The listing of four new Vedantas took me back 24 years when Vedanta Resources was listed in London. We sowed the seeds then and now each of our amazing trees is ready to stand on its own strength. This is just the… pic.twitter.com/mo0HJ604ZL
अनिल अग्रवाल के अनुसार, वेदांता के ये सभी कारोबार ऐसे क्षेत्रों से जुड़े हैं, जो भारत की दीर्घकालिक जरूरतों को पूरा करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत अगले तीन वर्षों में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है और ऐसे में इन क्षेत्रों की मांग लगातार बढ़ रही है।
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कौन सी हैं वेदांता की नई 4 कंपनियां?
उन्होंने बताया कि वेदांता की नई कंपनियां जिन उत्पादों का निर्माण करती हैं, उनकी मांग दो अंकों की दर से बढ़ रही है। साथ ही बाजार में मांग और आपूर्ति के बीच बड़ा अंतर मौजूद है, जिसे घरेलू उत्पादकों को भरना होगा। अग्रवाल ने कहा कि चार नई वेदांता कंपनियां, प्रमुख कंपनी वेदांता लिमिटेड और हिंदुस्तान जिंक इस अवसर का लाभ उठाने के लिए मजबूत स्थिति में हैं।
निवेशकों को दिया 300% का रिटर्न
शेयरधारकों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वेदांता ने हमेशा निवेशकों के लिए मूल्य सृजित किया है। पिछले पांच वर्षों में कंपनी ने 300% कुल शेयरधारक रिटर्न और 60% डिविडेंड यील्ड दी है। उन्होंने कहा कि उनके लिए हर शेयरधारक महत्वपूर्ण है, चाहे उसका निवेश कितना भी छोटा क्यों न हो।
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अग्रवाल ने भरोसा जताया कि वेदांता समूह की सभी कंपनियां आने वाले वर्षों में और बेहतर प्रदर्शन करेंगी। उन्होंने कहा कि निवेशकों और कर्मचारियों के विश्वास के साथ समूह एक नई और शानदार यात्रा की शुरुआत कर रहा है।