मधुबनी में कुछ घंटों में तीन मौतें, फिर क्यों बीमार पड़ गए एक दर्जन से अधिक ग्रामीण?
बाबूबरही के भूपट्टी गांव में कुछ घंटों के अंतराल में तीन लोगों की मौत से दहशत फैल गई, जिससे एक दर्जन से अधिक ग्रामीण डर और घबराहट के कारण बीमार पड़ गए ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
संवाद सहयोगी, बाबूबरही (मधुबनी)। भूपट्टी गांव में गुरुवार देर शाम कुछ घंटों के अंतराल में तीन लोगों की मौत हो जाने से पूरे गांव में दहशत फैल गई। मौत की खबर फैलते ही डर और घबराहट के कारण एक दर्जन से अधिक ग्रामीण बीमार पड़ गए।
मरीजों को सीएचसी लाने-ले जाने का सिलसिला जारी रहा
बीमारों को रातभर बाबूबरही सीएचसी लाने-ले जाने का सिलसिला जारी रहा। जानकारी के अनुसार पहली घटना में राजकुमार मेहता(66) को अचानक सीने में दर्द उठा।
परिजन उन्हें तत्काल सीएचसी बाबूबरही लाए। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें सदर अस्पताल मधुबनी रेफर कर दिया। लेकिन रास्ते में ही राजकुमार ने दम तोड़ दिया।
इसके कुछ ही देर बाद गांव की 60 वर्षीया मंजू देवी की भी मौत हो गई। वह पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रही थीं। तीसरी घटना में राजकुमार मेहता के पड़ोसी दयाशंकर प्रसाद की मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दयाशंकर पूरी तरह स्वस्थ थे और छत पर टहल रहे थे। इसी दौरान अचानक गिर पड़े और उनकी मौत हो गई। कुछ घंटों में तीन मौत की खबर जंगल की आग की तरह गांव में फैल गई।
इससे गांव में अफरा-तफरी मच गई। मानसी मेहता, चंचल कुमारी सहित एक दर्जन से अधिक लोगों को अचानक घबराहट, बेचैनी और सांस फूलने की शिकायत हुई। कई लोग बेहोश भी हो गए।
अस्पताल में रातभर मरीजों के आने-जाने का तांता लगा रहा
ग्रामीणों ने सभी बीमारों को आनन-फानन में बाबूबरही सीएचसी पहुंचाया। अस्पताल में रातभर मरीजों के आने-जाने का तांता लगा रहा।
इस संबंध में सीएचसी के प्रभारी चिकित्सक डाक्टर उदय शंकर प्रसाद ने बताया, अस्पताल में भर्ती किए गए अधिकांश मरीजों में सदमे और अत्यधिक भय के लक्षण मिले। किसी को भी कोई संक्रामक बीमारी या गंभीर शारीरिक समस्या नहीं थी। प्राथमिक उपचार और काउंसलिंग के बाद सभी मरीज स्वस्थ होकर अपने-अपने घर लौट गए हैं।