श्रावणी मेले में सुल्तानगंज के मंच पर दिखाना है हुनर तो कलाकर 15 जुलाई तक अप्लाई कर लें, QR कोड करें स्कैन
भागलपुर जिला प्रशासन ने श्रावणी मेला 2026 के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी शुरू कर दी है, जिसके लिए कलाकारों से 15 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन मांगे ...और पढ़ें
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भागलपुर श्रावणी मेला 2026: अजगैवीनाथ धाम में गूंजेंगे बाबा के भजन, कलाकारों के लिए खुला आवेदन का पोर्टल
HighLights
श्रावणी मेला 2026 के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी शुरू।
कलाकार 15 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
सुल्तानगंज घाट पर गाद और चेंजिंग रूम की कमी चिंता का विषय।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला-2026 की भव्य तैयारियों को लेकर भागलपुर जिला प्रशासन ने अभी से सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तय करनी शुरू कर दी है। इस वर्ष भी मेला अवधि के दौरान कांवरियों के मनोरंजन और भक्ति रस के लिए भजन संध्या एवं विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का बड़ा आयोजन किया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन ने देश भर के इच्छुक कलाकारों से आगामी 15 जुलाई तक आवेदन आमंत्रित किए हैं।
लोक नृत्य और भजन गायन की होगी प्रस्तुति
जिला प्रशासन और कला एवं संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों में लोक एवं शास्त्रीय नृत्य, लोक और भजन गायन तथा नृत्य नाटिका की भव्य प्रस्तुतियां होंगी। जिला कला संस्कृति पदाधिकारी अंकित रंजन ने बताया कि इसके लिए कलाकार केवल ऑनलाइन माध्यम से ही अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। ऑफलाइन आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।
आवेदन के साथ वीडियो लिंक देना बेहद जरूरी
विभाग के अनुसार, आवेदन के साथ कलाकारों को अपने पूर्व के मंचीय प्रदर्शन का वीडियो अथवा वीडियो लिंक संलग्न करना अनिवार्य होगा, ताकि उनकी प्रतिभा का सही मूल्यांकन हो सके। इन रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन सुल्तानगंज (अजगैवीनाथ धाम) स्थित नवनिर्मित सीढ़ी घाट तथा भागलपुर के धांधी-बेलारी क्षेत्र में बने मुख्य मंचों पर किया जाएगा।
30 जुलाई से 28 अगस्त तक मचेगी धूम
इस वर्ष श्रावणी मेले के सांस्कृतिक आयोजन 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त 2026 तक निरंतर चलेंगे। गायन प्रस्तुतियों के लिए मुख्य कलाकारों के साथ संगत करने वाले वाद्य कलाकारों के आवेदन अलग से स्वीकार किए जाएंगे। इसके साथ ही, सभी मंचीय कलाकारों एवं संगत कलाकारों का बिहार कलाकार पंजीयन पोर्टल पर पंजीकृत होना अनिवार्य किया गया है।
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इन तीन आसान तरीकों से ऑनलाइन आवेदन करें कलाकार
सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए कलाकार घर बैठे इन माध्यमों से आवेदन कर सकते हैं:
वेबसाइट: सबसे पहले जिला प्रशासन के आधिकारिक पोर्टल nic.bhagalpur.com पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भरें।
क्यूआर कोड: प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक क्यूआर (QR) कोड को स्कैन करके भी सीधे आवेदन लिंक पर जा सकते हैं।
ईमेल: इसके अलावा कलाकार अपना पूरा विवरण और वीडियो लिंक dacobhagalpur@bihar.gov.in पर ईमेल भी कर सकते हैं।
चयन समिति का निर्णय ही होगा अंतिम व मान्य
प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि योग्य कलाकारों के चयन के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति का निर्णय ही अंतिम और सर्वमान्य होगा। इस चयन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की पैरवी काम नहीं आएगी। शॉर्टलिस्टेड कलाकारों को ही सुल्तानगंज के मुख्य मंच पर अपनी कला का प्रदर्शन करने और देश-विदेश से आने वाले शिवभक्तों के सामने हुनर दिखाने का अवसर मिलेगा।
मेला शुरू होने में 43 दिन, घाट पर गाद
एक तरफ जहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी चल रही है, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत थोड़ी चिंताजनक है। विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला शुरू होने में अब महज 43 दिन ही शेष बचे हैं, लेकिन अजगैवीनाथ धाम के मुख्य सीढ़ी घाट पर अब तक भारी गाद (मिट्टी) जमी हुई है। यहां नमामि गंगे परियोजना के तहत करीब 14 करोड़ रुपये की लागत से भव्य सीढ़ी घाट का निर्माण कराया गया था।
अगस्त 2025 की बाढ़ ने बढ़ाई प्रशासन की सिरदर्दी
बता दें कि पिछले साल अगस्त 2025 में आई भीषण बाढ़ के कारण इस भव्य घाट की सीढ़ियों पर करीब चार से पांच फीट मोटी गाद जमा हो गई थी। स्थानीय नगर परिषद के द्वारा इस गाद को हटाने का कार्य तो किया जा रहा है, लेकिन काम की रफ्तार काफी धीमी है। ऐसे में मेले से पहले सीढ़ी घाट को पूरी तरह साफ-सुथरा और सुरक्षित बनाना जिला प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है।
महिलाओं से चेंजिंग रूम के नाम पर 20 रुपये की वसूली
इसके अलावा, अजगैवीनाथ धाम में सरकारी चेंजिंग रूम (कपड़े बदलने का कमरा) नहीं होने के कारण गंगा नदी में स्नान करने वाली महिला श्रद्धालुओं को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। इसका फायदा उठाकर स्थानीय दुकानदारों ने निजी चेंजिंग रूम बना रखे हैं, जहां प्रत्येक महिला से कपड़े बदलने के एवज में 20 रुपये की अवैध वसूली की जाती है, जिससे श्रद्धालुओं में आक्रोश है।