माउंट असिसी, कार्मेल और सेंट जोसेफ सहित भागलपुर के 50 स्कूलों को नोटिस, 30 तक नहीं किया यह काम तो बंद होगा स्कूल
भागलपुर में निजी विद्यालयों को 30 जून तक यू-डायस कोड और ज्ञानदीप पोर्टल के माध्यम से आरटीई मान्यता प्राप्त करना अनिवार्य है। ऐसा न करने पर 50 चिन्हित ...और पढ़ें

Bhagalpur Private School Notice : भागलपुर के इन 50 प्राइवेट स्कूलों पर गिरेगी गाज! जिला शिक्षा विभाग ने जारी किया कड़ा नोटिस
HighLights
निजी स्कूलों को 30 जून तक यू-डायस कोड प्राप्त करना होगा।
ज्ञानदीप पोर्टल से आरटीई अधिनियम के तहत मान्यता लेना अनिवार्य।
नियमों का पालन न करने पर 50 स्कूलों पर कार्रवाई होगी।
भागलपुर, जागरण संवाददाता। मुख्यालय के निर्देश पर जिले के निजी विद्यालयों की निगरानी तेज कर दी गई है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि 30 जून तक सभी निजी विद्यालयों को हर हाल में यू-डायस (U-DISE) कोड प्राप्त करना होगा। इसके साथ ही शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत ज्ञानदीप पोर्टल के माध्यम से मान्यता (प्रस्वीकृति) लेना भी अनिवार्य होगा। निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी नहीं करने वाले विद्यालयों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा विभाग के रडार पर 50 निजी स्कूल
इस नियम को लेकर जिला शिक्षा विभाग ने कड़ा एक्शन लेना शुरू कर दिया है। विभागीय समीक्षा में यह बात सामने आई है कि जिले के 50 बड़े निजी विद्यालय अब भी आरटीई (RTE) के तहत बिना प्रस्वीकृति के चल रहे हैं। अब इन सभी विद्यालयों को विभाग ने अपने रडार पर ले लिया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने इसके लेकर ऐसे सभी विद्यालयों के संचालकों को नोटिस जारी कर बुधवार को शिक्षा भवन में आयोजित बैठक में उपस्थित होने का कड़ा निर्देश दिया है।
बिना सरकारी मान्यता के स्कूल चलाना है अवैध
विभाग द्वारा जारी आधिकारिक पत्र में कहा गया है कि नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा अधिकार अधिनियम, 2011 के अनुसार किसी भी निजी विद्यालय का संचालन सक्षम प्राधिकार से मान्यता प्राप्त किए बिना नहीं किया जा सकता। विभाग को जानकारी मिली है कि भागलपुर के कई नामी विद्यालय बिना वैध प्रस्वीकृति के ही संचालित हो रहे हैं। इस लापरवाही पर अब विभाग बेहद सख्त रुख अपनाने के मूड में नजर आ रहा है।
यू-डायस कोड और ज्ञानदीप पोर्टल क्यों है जरूरी
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, यू-डायस कोड मिलने से सभी विद्यालयों का शैक्षणिक एवं प्रशासनिक डाटा राष्ट्रीय स्तर पर दर्ज हो जाता है। वहीं दूसरी ओर ज्ञानदीप पोर्टल के माध्यम से प्रस्वीकृति मिलने पर विद्यालयों की वैधानिक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी। इसको लेकर डीपीओ एसएसए बबीता कुमारी ने बताया कि सभी निजी विद्यालयों को समय रहते आवेदन कर आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने का निर्देश दिया गया है। 30 जून के बाद नियमों की अनदेखी करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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भागलपुर के इन 50 स्कूलों की सूची हुई जारी
जिला शिक्षा विभाग द्वारा जारी रडार वाले 50 निजी स्कूलों की सूची में ये प्रमुख नाम शामिल हैं: रानी पब्लिक स्कूल, सुमन एजुकेशन प्वाइंट पब्लिक स्कूल, मदरसा दारुल उलूम असदिया खिरनीबांध, मार्डन पब्लिक स्कूल, कैरेबियन प्रिपरेटरी स्कूल, फ्लोरेंस पब्लिक स्कूल, हिमालयन एकेडमी, मदरसा इस्लामिया माबुलुल्लू, मदरसा इस्लामिया बरैनी, एन.के.एस.बी.डी. गर्ल्स हाई स्कूल भोलसर, आइडियल इंग्लिश स्कूल धुर्वगंज, सेंट्रल पब्लिक स्कूल, दास पब्लिक स्कूल, इम्पेल पब्लिक स्कूल, मदर टेरेसा मिशन स्कूल, न्यू पैरामाउंट पब्लिक स्कूल, शांति विद्या निकेतन, स्वामी विवेकानंद आश्रम, तिलकामांझी गर्ल्स हाई स्कूल, यूनिक पाथफाइंडर एकेडमी, उर्दू कन्या मिडिल स्कूल आसानंदपुर, कार्मेल स्कूल, सेंट जोसेफ स्कूल, नगर हाई स्कूल पहाड़पुर, हाई स्कूल बहादुरपुर, कन्या उच्च विद्यालय मनोहरपुर नाथनगर, आर.एन. टैगोर स्कूल, सेंट पॉल्स स्कूल, धर्मचंद शिशु संस्कार, लवी-डवी पब्लिक स्कूल, तारानाथ मिशन स्कूल, ग्लोरियस पब्लिक स्कूल, हिमालयन एकेडमी नारायणपुर, महाराज उच्च विद्यालय सदीपुर, डैफोडिल्स पब्लिक स्कूल मदरौनी, विक्रमशिला पब्लिक स्कूल, साइबर पब्लिक स्कूल, होली फैमिली स्कूल, माडर्न टेनजेंट मिशन, न्यू इंडियन पब्लिक स्कूल, दिल्ली पब्लिक स्कूल, सन लाइट पब्लिक स्कूल, माउंट असिसी स्कूल, मां सरस्वती निकुंज सिरिचक, श्री चंद्र दयाल ठाकुर गर्ल्स हाई स्कूल, हाई स्कूल हाजीपुर, सरस्वती शिशु मंदिर सजौर, आनंद इनोवेटिव नेशनल स्कूल, प्रभु नारायण रवींद्र उच्च विद्यालय अवा-रसीदपुर तथा एस.पी.एस. मेमोरियल एकेडमी शामिल हैं।