रायबरेली में सराफा बाजार वैश्विक स्थितियों के बीच तालमेल बिठाने में संघर्ष कर रहा है। पश्चिम एशिया संकट के बाद बाजार पर जिस तरह का असर आया है, उसने छोटे सराफा व्यापारियों के माथे पर पसीना ला दिया है। सराफा कारोबारियों का मानना है कि सोने के बिस्किट और सिल्लियों की खरीद पर रोक लगना बहुत जरूरी है। कारोपोरेट से धड़ाधड़ इनकी बिक्री की जा रही है, जिसका असर बाजार पर बहुत अधिक है। यदि इस पर सरकार के स्तर पर कदम उठाए जाएं तो विदेशी मुद्रा की खपत कम हो जाएगी।अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में शहर के सराफा कारोबारियों ने व्यापार की समस्याओं के साथ शहर की बाजार से जुड़ी समस्या पर विचार रखे। उम्मीद जताई कि इनका निस्तारण होगा।