राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला लगातार चर्चा में है। अब तक राम शंकर यादव को ही चंपत राय का करीबी माना जाता था लेकिन जांच के दौरान यह पता चला है कि अनुकल्प मिश्रा भी उनके करीबियों में शामिल था। इसी वजह से उसे गणना कार्य के अलावा मंदिर के विभिन्न आयोजनों में व्यवस्थापक की जिम्मेदारी दी जाती थी। सोशल मीडिया पर इस तरह के कई साक्ष्य भी मौजूद हैं। वर्ष प्रतिपदा समारोह में उसे व्यवस्थापक की जिम्मेदारी दी गई थी। जबकि दीपावली पर होने वाले उत्सव में भी उसे बाकायदा परिचय पत्र जारी किया गया था। इन पर महासचिव चंपत राय के हस्ताक्षर होते थे। उसकी सोशल मीडिया अकाउंट पर इस तरह की कई तस्वीरें मौजूद हैं, जो चंपत राय के अलावा भाजपा नेताओं से भी उसके संबंध की गहराई उजागर करती हैं।