बेकार बोतलों से दीये तैयार करते हरेला संस्था के सदस्य
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होली के समय बुरांश के फूलों से अबीर और गुलाल तैयार करने वाली हरेला संस्था ने इस बार दिवाली में एक और अभिनव प्रयोग किया है। पर्यावरण संरक्षण के लिए लगातार प्रयासरत हरेला संस्था ने पिछले दिनों चंडाक की पहाड़ी से असंख्य खाली बोतल एकत्र की। इन बोतलों को मशीन से काटकर दीये का रूप दे दिया। इन दीयों में मोम और तेल भरा तथा रूई की बत्ती लगाकर उनको लोगों में बांटा। बेकार वस्तुओं को नया रूप देने वाली इस पहल का लोगों ने स्वागत किया है।
हरेला संस्था पर्यटन स्थल चंडाक में लगातार सफाई अभियान चला रही है। चंडाक की एकांत पहाड़ी को कुछ लोगों ने नशे का अड्डा बना दिया है। चंडाक की पहाड़ी पर हर महीने चलाए जाने वाले सफाई अभियान के दौरान शराब की असंख्य खाली बोतलें मिल जाती है। इन खाली बोतलों को कबाड़ में बेचने के बजाय इस बार नया प्रयोग कर दिया गया।
सभी बोतलों को कांच काटने वाली मशीन की मदद से दीये का रूप दिया गया है। इससे खाली बोतल नए स्वरूप में सामने आ गई। हरेला संस्था के मनोज मटवाल ने बताया कि शराब की बोतलें अलग-अलग आकार और डिजाइन की होती हैं। हर बार चंडाक की पहाड़ी पर यह खाली बोतलें बड़ी संख्या में मिल जाती हैं। उन्होंने कहा कि इन खाली और बेकार बोतलों का भविष्य में और उपयोग किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि चंडाक की पहाड़ी को नुकसान पहुंचाने वाले कभी नहीं सुधरेंगे। अब उनको परोक्ष रूप में यह संदेश दिया जा रहा है कि उनके द्वारा फैलाई जाने वाली गंदगी को दूर करने वाली टीम भी यहां पर तैयार है। मटवाल ने कहा कि शायद इस तरह का रचनात्मक काम करने से समाज की सोच बदल जाए और गंदगी फैलाने वाले कुछ लोगों की चेतना भी विकसित हो जाए तो समाज को बदलने में आसानी होगी।