सफाईकर्मियों की हड़ताल होने के कारण कस्बे में गंदगी लगे ढेर।
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कस्बे में सफाई कर्मियों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। नगर में जगह-जगह पर गंदगी के ढेर लग गए हैं। नाले-नालियां सिल्ट से चोक हो चुके हैं, जिनसे उठ रही बदबू रास्ते से निकलना भी दूभर कर रही है। सफाई कर्मी, उनकी साथी महिला कर्मी सोन देवी को नगर पंचायत में ठेके पर कार्यरत श्रमिक रामा यादव द्वारा नगर पंचायत कार्यालय में उपस्थिति दर्ज करने के लिए प्रवेश नहीं करने देने, उससे अभद्रता करने, संविदा कर्मियों को ढाई वर्ष से बढ़े हुए मानदेय के एरियर का भुगतान नहीं करने समेत कई मांगों को लेकर सफाई कर्मियों ने नगर में काम बंद कर हड़ताल और धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। दूसरे दिन ईओ उमाकांत सिंह के अवकाश पर होने के कारण चेयरमैन एवं कोतवाल ने उनको हड़ताल समाप्त करने एवं काम पर लौटने के लिए काफी देर तक समझाया था, लेकिन वह टस से मस नहीं हुए। उनकी पहली मांग थी कि ठेका कर्मचारी एवं चेयरमैन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की जाए। ईओ ने अवकाश से लौटते ही सफाई कर्मियों को समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन सभी व्यर्थ रहा। इधर, इस समस्या को लेकर नगर पंचायत के सभी सभासद विकास खंड कार्यालय पर निरीक्षण करने आए डीएम से मिले एवं उनसे इस समस्या की समाधान की अपील की। संविदा सफाई कर्मियों के अध्यक्ष संजय वाल्मीकि ने दोहराया है कि जब तक हमारी सभी मांगें नहीं मानी जातीं तो हमारी हड़ताल जारी रहेगी।
अवकाश से आने के बाद मैंने संविदा सफाई कर्मियों के बढ़े मानदेय के भुगतान एवं पिछले तीन महीने के भुगतान को शीघ्र ही किए जाने के लिए कहा है। चेयरमैन एवं ठेका कर्मचारी के मध्य हुए विवाद के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। सफाई कर्मियों की हड़ताल के बारे में उच्चाधिकारियों को जानकारी दे दी गई है।
-उमाकांत सिंह, अधिशासी अधिकारी सहपऊ