एप डाउनलोड करें
विज्ञापन

19 घंटे में दो दशक की यादें जी गए महामहिम

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर। Updated Tue, 11 Dec 2018 12:57 AM IST
विज्ञापन
गोरखनाथ मंदिर जाते राष्ट्रपति और राज्यपाल का काफिला - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

Next Article

गोरखपुर। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का गोरखपुर से पुराना नाता है। संगठन और दिव्य प्रेम सेवा मिशन से जुड़े रहने के दौरान दो दशक में वह 10 से अधिक बार गोरखपुर आ चुके हैं। लंबे समय बाद महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक सप्ताह समारोह के कार्यक्रम के बहाने जब उन्हें शहर आने का मौका मिला तो 19 घंटे के इस प्रवास में उन्होंने उन सभी यादों को जीने की भरपूर कोशिश की। राष्ट्रपति रविवार की शाम 4:55 बजे गोरखपुर पहुंचे थे और सोमवार की सुबह 12 बजे शहर को अलविदा कहा।
विज्ञापन
विज्ञापन


यहां पहुंचने से पहले ही राष्ट्रपति ने अतीत की खट्टी-मिठी यादों को ताजा करने की तैयारी कर ली थी। यही वजह है कि गोरखपुर से जुड़े उन सभी लोगों को राष्ट्रपति भवन से ही बुलावा भेजा जा चुका था जिनके साथ महामहिम ने दो दशक के दौरान विभिन्न मौकों पर समय बिताया था। रविवार को सर्किट हाउस में छह लोगों की राष्ट्रपति से मुलाकात हुई। इनमें शहर के प्रथम नागरिक के तौर पर मेयर सीताराम जायसवाल भी शामिल रहे। महामहिम ने उनसे शहर में हो रहे बड़े कामों के साथ ही उन्हें विकास का मंत्र भी दिया।

केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ला और व्यवसायी भीष्म चौधरी से मुलाकात के दौरान उन्होंने कुष्ठ रोगियों के लिए काम करने वाली हरिद्वार की संस्था दिव्य प्रेम सेवा मिशन के जिले एवं उसके आस-पास के क्षेत्रों में विस्तार पर चर्चा की। शिव प्रताप व भीष्म दोनों ही लोग संस्था के मार्गदर्शक मंडल में है और राष्ट्रपति खुद इस संस्था से जुड़े हैं। साथ ही उन्होंने केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री के भतीजे अष्टभुजा शुक्ला और उनकी पुत्री खुशी से भी मुलाकात की। खुशी को स्नेह करते हुए उन्होंने यह भी पूछा कि वह क्यों उनसे मिलना चाहती थी। जवाब भी तपाक से मिला-आप देश के प्रथम नागरिक हैं इसलिए।

राष्ट्रपति ने सम्मान के साथ धैर्य की भी नसीहत दी

भाजपा के उपाध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र सिन्हा से उन्होंने मंदिर के कार्यक्रम के दौरान सोमवार को मुलाकात की। उनसे हालचाल पूछा। पास खड़े मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री ने भी सक्रिय कार्यकर्ता बताते हुए उनकी राष्ट्रपति से पहचान कराई। राष्ट्रपति ने कहा कि डॉ. सत्येंद्र से अच्छी जान-पहचान है। जब आता था तो यही पत्रकार साथियों से मिलवाते थे। पुराने लोगों को याद रखता हूं। इस पर डॉ. सत्येंद्र ने कृतज्ञता ज्ञापित किया।
विज्ञापन


इससे पहले सर्किट हाउस पर भाजपा नेता जितेंद्र चौधरी उर्फ जीतू को भी राष्ट्रपति से मिलने का मौका मिला। वीवीआईपी कक्ष में उन्हें देख राष्ट्रपति ने कहा कि वह उनके पुराने सहयोगी हैं। संगठन के कामों से जब भी उनका गोरखपुर आना होता था, कार्यक्रम की ब्रीफिंग और उन्हेें ले जाने-ले आने का काम प्राय: जीतू ही करते। इसी तरह उन्होंने भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. समीर सिंह से मुलाकात के दौरान उन्हें धैर्य बनाए रखने की नसीहत दी। समीर की उनसे मुलाकात 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान जौनपुर में हुई थी।
विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें