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Kaushambi Accident : चालक की झपकी से हमेशा के लिए सो गए 10 लोग, बच्चे का मुंडन कराने गए थे प्रयागराज संगम

Sat, 28 Mar 2026 12:41 PM IST
विनोद सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांंबी

सार

Kaushambi Accident News : कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर हुए भीषण सड़क हादसे की वजह चालक की झपकी थी। जिसकी वजह से 10 लोगों की मौत हो गई। घायलों में शामिल शिमला देवी के अनुसार कोरवल गांव से सभी बृहस्पतिवार रात 11 बजे निकले थे।
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कौशाम्बी में हादसे के बाद पिकप के परखचे उड़ गए, 10 लोगों की हो गई मौत। - फोटो : संवाद।
कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर हुए भीषण सड़क हादसे की वजह चालक की झपकी थी। जिसकी वजह से 10 लोगों की मौत हो गई। घायलों में शामिल शिमला देवी के अनुसार कोरवल गांव से सभी बृहस्पतिवार रात 11 बजे निकले थे। सुबह प्रयागराज पहुंचे। बच्चे के मुंडन के बाद खाना-पीना हुआ और घर के लिए निकल पड़े। पुलिस के अनुसार भी झपकी ही दुर्घटना का कारण है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आगे चल रहे डंपर की रफ्तार सामान्य से भी कम थी। रफ्तार में चल रहा पिकअप ओवरटेक करने के दौरान टकरा गया। घटनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। चारों ओर चीख-पुकार सुन ग्रामीण मदद को दौड़ पड़े। पुलिस के पहुंचने से पहले ही ग्रामीण पिकअप में फंसे घायलों को निकालने में जुट गए।

मौके पर मौजूद मनीष और सोनू के अनुसार हादसा इतना भीषण था कि पिकअप के परखचे उड़ गए और कई लोग वाहन के अंदर फंसे थे। सूचना मिलने पर दोपहर 3:45 बजे पुलिस पहुंची। घायलों को पांच एंबुलेंस और पुलिस के वाहनों से अस्पताल भेजा गया।


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तेज रफ्तार पिकअप ने ट्रक में पीछे से मारी टक्कर। - फोटो : संवाद।
हादसे की वजह से करीब 15 मिनट तक कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर आवागमन प्रभावित रहा। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाकर यातायात सामान्य कराया। शाम करीब पांच बजे पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली।

डोरमा गांव के पेट्रोलपंप के पास चलते ट्रक में पीछे से टक्कर होने से पिकअप सवार आठ लोगों की मौत हुई है। 17 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। पिकअप सवार 30 लोगों में सभी को चोटें आई हैं। हादसा चालक को झपकी आने से बताया जा रहा है। चालक को होश आने पर उससे बातचीत की जा सकेगी। पुलिस लगातार घायलों को राहत पहुंचाने का काम कर रही है। - भैया संतोष कुमार सिंह, सीओ सिराथू
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हादसे के बाद सड़क पर पड़े घायल। - फोटो : संवाद।
बिखरे खिलौने, कपड़े और चप्पल... सड़क पर फैला गंगाजल

डोरमा पेट्रोल पंप के पास नेशनल हाईवे पर हुए हादसे के बाद सड़क पर बच्चों के खिलौने, कपड़े और चप्पलें बिखरी मिलीं। वहीं, प्रयागराज के त्रिवेणी संगम से श्रद्धालु जो गंगाजल भरकर घर ले जा रहे थे वह सड़क पर फैला दिखा। वहीं, हल्की चोट लगने वाले लोग परिजनों को फोन कर हादसे की जानकारी देते रहे।

प्रत्यक्षदर्शी डोरमा निवासी राहुल के अनुसार, पिकअप में सवार लोगों ने मेले से बच्चों के लिए खिलौने और घर-गृहस्थी के सामान भी खरीदे थे। कुछ लोगों ने बोतलों में गंगाजल भी भरा था। डंपर में पीछे से टकराने की वजह से पिकअप सवार कई लोग उछलकर सड़क पर गिर गए। बच्चों के खिलौने भी सड़क पर ही बिखर गए। बोतलें फट गईं और गंगाजल सड़क पर फैल गया। कई जगहों पर बच्चों के खेलने वाली गुड़िया और चप्पलें दिखाई दे रही थीं।

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हादसे के बाद सड़क पर पड़े लोग। - फोटो : संवाद।
कौशाम्बी सड़क हादसे में घायल सात लोगों का एसआरएन में चल इलाज

कानपुर-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर सैनी क्षेत्र के दोरमा गांव स्थित पेट्रोल पंप के पास चलते डंपर में पिकअप के भिड़ने से घायल सात लोगों को गंभीर हालत में प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां सभी का इलाज चल रहा है। वहीं, फतेहपुर के जाफरगंज थाना क्षेत्र के कोरवल निवासी मैकी (60) और संधि देवी (50) के शव मोर्चरी में रखवा दिए गए हैं। शनिवार को शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पिकअप सवार सभी लोग प्रयागराज से फतेहपुर अपने घर लौट रहे थे। घटना में गंभीर घायल सुखई देवी, राजन, लीलावती, राम नारायण, श्री कृष्णा, वर्षा समेत एक अन्य को एसआरएन अस्पताल रेफर कर दिया गया। सभी का ट्रॉमा सेंटर में इलाज चल रहा है। एसआरएन चौकी प्रभारी आनंद यादव ने बताया कि सभी घायलों का इलाज चल रहा है।
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अपनी गाड़ी से घायल को लेकर अस्पताल पहुंचा पुलिसकर्मी। - फोटो : संवाद।
डोरमा हादसा: जिसके बेटे का मुंडन था वही चला रहा था पिकअप गाड़ी

कानपुर-प्रयागराज नेशनल हाईवे के डोरमा गांव के पास हुए हादसे में फतेहपुर के जाफरगंज थाना क्षेत्र के कोरवल गांव निवासी राजन ही अपने पिकअप गाड़ी से तीन वर्षीय बेटे शुभम का मुंडन कराने प्रयागराज गया था। एसपी राजेश कुमार ने बताया कि राजन अपने पिकअप वाहन से करीब 30 लोगों को लेकर बृहस्पतिवार देर रात घर से निकल गए थे। सभी ने प्रयागराज में संगम स्नान किया और मुंडन संस्कार के बाद लेटे हनुमान जी का दर्शन-पूजन किया।

दोपहर प्रयागराज से फतेहपुर घर के लिए निकले थे। डोरमा गांव के पेट्रोल पंप के पास पहुंचते ही गाड़ी अनियंत्रित होकर आगे चल रहे डंपर के पिछले हिस्से से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मौके पर ही आठ लोगों की मौत हो गई। जबकि दो लोगों की एसआरएन ले जाते समय मौत हो गई। आशंका जताई जा रही है कि राजन बेटे के मुंडन की तैयारी को बृहस्पतिवार को देर रात तक जागा और थका हुआ था। यही वजह है कि लौटते समय रास्ते में झपकी लगने की वजह से गाड़ी पर नियंत्रण खो गया और हादसा हो गया।
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खुशियां पलभर में मातम, भजन चीख में तब्दील

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घटना के बाद मची रही चीख पुकार। - फोटो : संवाद।

सैनी कोतवाली क्षेत्र के डोरमा गांव के पास नेशनल हाईवे पर हुए सड़क हादसे से खुशियां पलभर में मातम में तब्दील हो गईं। बेटे के मुंडन की खुशी, भजन-कीर्तन चंद मिनटों में चीख-पुकार में बदल गई। घायलों में शामिल शिमला देवी ने बताया कि वापसी के दौरान पिकअप में पीछे बैठे लोग भजन-कीर्तन में लीन थे। माहौल खुशियों से भरा हुआ था। तभी डोरमा गांव के पास अचानक तेज आवाज हुई और कई लोग उछलकर सड़क पर गिर पड़े और चारों ओर चीख-पुकार मच गई। गाड़ी किससे टकराई ये उन्हें पता ही नहीं चल सका। मेरे साथ के कुछ लोग अचेत थे। कुछ दर्द से कराह रहे थे। टक्कर की आवाज सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीणों ने दौड़कर पिकअप में फंसे लोगों को बाहर निकाला। सभी को अस्पताल भिजवाया गया। हादसे में मुंडन संस्कार कराने वाला मासूम शुभम भी घायल है।

पिकअप के अगले हिस्से में फंसे लोग

हादसे में पिकअप के केबिन में सवार चालक समेत तीन लोग फंसे रहे। उन्हें ग्रामीणों और पुलिस की मदद से बाहर निकाला गया। वहीं, पिकअप का अगला ही हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया है।




 
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घायलों को एंबुलेंस से पहुंचाया गया अस्पताल। - फोटो : संवाद।

बेसुध हुई मां पर बच्चे का नहीं छोड़ा साथ

 सैनी क्षेत्र के डोरमा गांव के पास पेट्रोल पंप के समीप नेशनल हाईवे पर हुए सड़क हादसे में घायल मां बेसुध हो गई लेकिन अपने बच्चे के साथ नहीं छोड़ा। वह बच्चे को सीने से लगाए रही। हादसे के बाद घटनास्थल पर चारों तरफ घायल लोग सड़क पर पड़े कराह रहे थे और सहारे के लिए अपनों को तलाशते नजर आ रहे थे। कई छोटे-छोटे बच्चे भी घायल थे। इन्हीं घायलों के बीच एक बेहद मार्मिक दृश्य भी देखने को मिला। सड़क किनारे एक घायल महिला बेसुध अवस्था में पड़ी थी, लेकिन उसने अपने मासूम बच्चे को कसकर सीने से चिपकाया रखा था।

चारों ओर मची चीख-पुकार और अफरा-तफरी से अनजान वह बच्चा मां के आंचल में दुबका शांत पड़ा था। यह दृश्य देख मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।हादसे में फतेहपुर के जाफरगंज थाना क्षेत्र के कोरवल गांव के कई परिवारों की खुशियां पल भर में उजड़ गईं। किसी ने अपना बेटा खो दिया, किसी का भाई और किसी का पिता हमेशा के लिए छिन गया। हादसे के बाद सड़क पर घायल पड़े मासूमों और बुजुर्गों को देखकर आसपास के लोग, राहगीर और स्वास्थ्य विभाग की टीमें तुरंत राहत-बचाव में जुट गईं। 

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