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UP News: मिशन 2027 को लेकर नितिन नवीन ने साधे राजनीतिक समीकरण, यूपी में हैट्रिक के लक्ष्य पर भाजपा का पूरा जोर

Mon, 06 Jul 2026 03:42 PM IST
Bhupendra Singh सुधीर कुमार सिंह, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

लखनऊ दौरे पर मिशन 2027 को लेकर नितिन नवीन ने राजनीतिक समीकरण साधे। यूपी में हैट्रिक के लक्ष्य पर भाजपा का पूरा जोर है। भाजपा अध्यक्ष ने यहां पर जमीनी थाह ली। समन्वय और संतुलन का संदेश दिया। साथ ही संगठनात्मक ढांचे को चुनावी मोड में सक्रिय करने की कोशिश की। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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नितिन नवीन - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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राजधानी लखनऊ में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने यूपी के पहले औपचारिक संगठनात्मक दौरे में प्रतीकों से सियासी समीकरण साधने की भरपूर कोशिश की। वर्ष 2027 में प्रस्तावित यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारियों का उन्होंने शंखनाद तो किया ही, साथ ही चुनावी समीकरणों पर बात और उन्हें साधने का प्रयास भी किया। समन्वय और संतुलन पर फोकस के साथ उन्होंने सब कुछ ठीक होने का भी संदेश देने की कोशिश की।

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लखनऊ पहुंचने पर उनका पार्टी मुख्यालय तक जिस तरह से जातिवार और वर्गों के प्रतिनिधियों की तरफ से स्वागत की रूपरेखा बनाई गई थी, उसके जरिये भी यह संदेश देने का प्रयास किया गया था कि पूरा हिंदू समाज भाजपा के साथ है और कोई नाराजगी नहीं है। नितिन वैसे तो पहले भी यूपी आ चुके हैं लेकिन उनकी यह पहली सियासी यात्रा थी। उनकी इस पहली सांगठनिक यात्रा में जहां प्रदेश संगठन ने अपनी ताकत दिखाई तो राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भी यूपी में भाजपा की ताकत की जमीनी थाह लेने की कोशिश करते दिखे।

समन्वय और संतुलन को परखने का प्रयास किया

मुख्यमंत्री और दोनों उप मुख्यमंत्रियों से अलग-अलग मुलाकात, नवनियुक्त प्रदेश पदाधिकारियों से बात, सांसदों-विधायकों और पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्षों से अलग-अलग चर्चा से साफ है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सत्ता और संगठन के शीर्ष पर बैठे लोगों के बीच समन्वय और संतुलन को भी परखने का प्रयास किया। इससे साफ है कि वे इस दौरे से पूरे संगठनात्मक ढांचे को चुनावी मोड में सक्रिय कर देना चाहते हैं।

कार्यकर्ताओं के उत्साह ने दिया एकजुटता का संदेश

राष्ट्रीय अध्यक्ष के स्वागत में उमड़ी भीड़ ने सिर्फ कार्यकर्ताओं का ही उत्साह नहीं बढ़ाया, बल्कि आम लोगों को भी यह संदेश दिया कि अटकलों के बावजूद पार्टी का कार्यकर्ता उत्साहित और एकजुट है। स्वागत यात्रा के दौरान समाज के अलग-अलग समूहों ने नितिन नवीन का स्वागत कर यह संदेश देने का प्रयास किया कि ब्राह्मणों समेत किसी भी वर्ग में भाजपा संगठन और सरकार को लेकर कोई नाराजगी नहीं है।
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भाजपा का हैट्रिक पर फोकस

दरअसल, अगले साल 2027 के चुनाव के मद्देनजर भाजपा के सामने बड़ी चुनौती तीसरी बार जीत हासिल कर विजय की हैट्रिक बनाने की है। नवीन का दौरा उसी दिशा में काम करता दिखा। माना जा रहा है कि नितिन नवीन के दिमाग यह बात गहरे से बैठी थी कि 2024 के लोकसभा चुनाव में केंद्र और सीएम योगी के बीच समन्वय बेहतर न होने की अफवाहों ने योगी को अस्थिर करने की अटकलों को बल दिया था। साथ ही विपक्ष के संविधान बदलने और आरक्षण समाप्त करने के दुष्प्रचार ने भी पार्टी का नुकसान किया था। इसीलिए हवाई अड्डे पर नितिन नवीन सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ ही गाड़ी में बैठकर बाहर निकले।

इसलिए है 27 की चिंता

जिस तरह से और जिन लोगों के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बैठकें की उससे स्पष्ट है कि वे उन विधानसभा सीटों के समीकरणों को मजबूत करना चाहते हैं जिन पर 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी को नुकसान हुआ था। 2024 के लोकसभा चुनाव के परिणामों में भाजपा प्रदेश में विधानसभा की 403 सीटों में सिर्फ 162 पर ही लीड ले पाई थी। यह आंकड़ा भाजपा को चिंतित करने वाला है। नवीन ने इस दौरे में यह भी जानने की कोशिश की कि लोकसभा चुनाव के परिणामों के आधार पर 2027 में विधानसभा में पार्टी को बहुमत दिलाने के लिए अब तक क्या-क्या उपाय किए गए हैं और कितने सुधार की जरूरत है।
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