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जज साहब! मैं बेकसूर हूं, मेरे ऊपर लगे आरोप झूठे

ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Thu, 03 Sep 2015 02:01 AM IST
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जज साहब! मैं बेकसूर हूं, मेरे ऊपर लगे आरोप झूठे हैं। करौंथा आश्रम जमीन धोखाधड़ी मामले में बुधवार को आरोपी रामपाल जेएमआईसी मनदीप पाल की अदालत में पेश हुआ। हिसार जेल से रोहतक कोर्ट में पेशी पर लाए गए रामपाल, राजेंद्र और रविंद्र ने उनके ऊपर लगाए गए धोखाधड़ी के गवाहों के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। इससे पहले तीनों को गवाहों के बयान की कॉपी दिखाई गई।
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मामले में जमानत पर बाहर कृष्ण, कृष्णा देवी, सबिना और राजेंद्र कुमार की भी पेशी हुई। रिटायर्ड एसआई रामचंद्र की गवाही के साथ ही अब गवाहियों का दौर खत्म हो गया है। रामचंद्र ने बताया कि मैंने राजेंद्र से पुलिस रिमांड के दौरान जमीन की रजिस्ट्री बरामद की थी। भगौड़ा घोषित आरोपी सत्यदेव कोर्ट में पेश नहीं हुआ। अगली सुनवाई 16 सितंबर को होगी। इस सुनवाई में भी 313 के तहत गवाहों के आरोपों पर आरोपियों के बयान दर्ज किए जाएंगे। इसके बाद मुकदमा फैसले की तरफ चलेगा।

वहीं, हर बार की तरह इस बार भी भारी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद रामपाल समर्थक कोर्ट परिसर में घुस गए। 6 समर्थकों को धारा 144 के उल्लंघन में गिरफ्तार किया गया है। बता दें कि रामपाल और उसके सहयोगियों पर करौंथा गांव स्थित सतलोक आश्रम की जमीन हड़पने का आरोप है। महिला कमला का आरोप है कि आरोपियों ने उसकी जगह किसी और महिला को खड़ाकर कागजात पर हस्ताक्षर करवा लिए।
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रामपाल बोला-जेल अधीक्षक के हौंसले बुलंद
पेशी पर आए रामपाल ने एक बार फिर हिसार जेल नंबर 2 के अधीक्षक पर निशाना साधा। रामपाल ने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से जेल अधीक्षक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होने से उसके हौसले और बुलंद हो गए हैं। उसके द्वारा प्रताड़ित किया जाना जारी है।
 
फिर सड़कों पर समर्थकों का जमावड़ा
रामपाल की पेशी की सूचना मिलते ही रात से ही समर्थकों की शहर में आवाजाही शुरू हो गई थी। समर्थक रातभर रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड पर ठहरे। सुबह होते ही मानसरोवर पार्क में समर्थकों का जमावड़ा शुरू हो गया। देखते ही देखते लघु सचिवालय से सिविल लाइन थाने और विधायक मनीष ग्रोवर के घर के सामने समर्थकों की भीड़ जुट गई। जैसे ही रामपाल को वापस हिसार जेल भेज गया तो समर्थक दंडवत हो गए। रामपाल के समर्थकों में अधिकतर लोग मध्यप्रदेश, राजस्थान, यूपी, दिल्ली सहित अन्य प्रदेशों के शामिल रहे।

गुरु जी की गाड़ी कड़ै जावैगी, एक साल हो गया दर्शन किए
एक महिला समर्थक चुपके से पुलिस को चकमा देते हुए कोर्ट परिसर में घुस गई। वह मनजीत पाल की कोर्ट के बराबर में ही जमीन पर बैठ गई। क रीब आधा घंटे बाद पुलिस ने उसे पहचान कर कोर्ट परिसर से बाहर निकाल दिया। महिला पुलिस से कह रही थी कि गुरु जी की गाड़ी कड़ै जावैगी, एक बे बता दो, एक साल हो गया दर्शन किए। वहीं किसी मामले में पेशी पर आए हिसार के एक पत्रकार को भी रामपाल का समर्थक होने के चक्कर में पुलिस ने दबोच लिया। बाद में उसका पहचान पत्र देखकर उसे छोड़ दिया गया।

2 घंटे तक कटघरे में खड़ा रहा रामपाल
रामपाल करीब 2 घंटे तक कोर्ट में खड़ा रहा, वह भी केवल अपने ऊपर लगे आरोपों को नकारने के लिए। पुलिस रामपाल क ो सुबह 10 बजकर 20 मिनट पर कोर्ट परिसर में लेकर आई। 10 बजकर 45 मिनट पर उसे कोर्ट में पेश किया गया। 12 बजकर 48 मिनट पर कोर्ट से बाहर लाया गया। 2 बजकर 38 मिनट पर वापस हिसार जेल भेजा गया। इस दौरान केवल रामपाल को पानी मुहैया कराया गया। वो भी कोर्ट से अनुमति लेने के बाद। 
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