नेपाल सीमा से लगे लोहाघाट विकासखंड के कायल गांव में ग्रामीणों ने एक भी वोट नहीं डाला। इस मतदान केंद्र में कुल तीन वोट पड़ें, लेकिन ये सभी वोट मतदान कार्मिकों द्वारा ईडीसी के जरिए डाले गए।
बूथ के पीठासीन अधिकारी महेश चंद्र ने बताया कि कायल बूथ में 84 महिलाओं सहित कुल 188 मतदाता थे, लेकिन इनमें से किसी ने वोट नहीं डाला। ड्यूटी पर तैनात तीन कार्मिकों ने अपने वोट डाले।
कायल गांव के लोग डुंगराबोरा से कायल तक की सड़क बनाने की मांग को लेकर बीते 15 साल से ग्रामीण आवाज उठा रहे थे। ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को बूथ से कुछ दूरी पर सांकेतिक प्रदर्शन भी किया। ग्राम प्रधान केशरी देवी का कहना है कि रोड के बगैर यहां का विकास चौपट हो गया है। यहां पांचवीं से आगे की पढ़ाई की कोई व्यवस्था है और नहीं स्वास्थ्य का कोई इंतजाम।
ग्रामीणों का कहना था कि हम हर बार वोट देते रहे, लेकिन उन्हें सड़क जैसी जरूरी सुविधा नहीं मिल सकी। प्रदर्शन करने वालों में जोगाराम, हेत राम, तोताराम पांडेय, धन सिंह, खीमानंद, माधो सिंह, बची देवी, हीरा, लक्ष्मी, ललिता, अनूपा आदि शामिल थे।