सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में शानदार रौनक रही। सकारात्मक घरेलू और वैश्विक संकेतों के दम पर सेंसेक्स और निफ्टी लगातार चौथे कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए। देश के कई हिस्सों में हुई भारी बारिश से अच्छे मानसून की उम्मीदें फिर जिंदा हो गई हैं, जिससे निवेशकों का सेंटीमेंट काफी मजबूत हुआ। इसके साथ ही, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की खरीदारी ने बाजार की तेजी को सहारा दिया। इस चौतरफा खरीदारी के चलते सेंसेक्स जहां 521 अंक चढ़ा, वहीं निफ्टी ने 24,400 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर लिया। डॉलर के मुकाबले रुपया 20 पैसे गिरकर 95.38 (अस्थायी) पर बंद हुआ।
सोमवार को सेंसेक्स और निफ्टी ने क्लोजिंग के समय क्या आंकड़े दर्ज किए?
सोमवार को दोनों मुख्य सूचकांकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। सेंसेक्स 521 अंक की छलांग लगाकर बंद हुआ, वहीं निफ्टी 50 ने 24,400 के पार बंद होने में सफलता हासिल की। हालांकि, इस तेजी के बावजूद **व्यापक बाजार का रुझान नकारात्मक रहा। एनएसई पर कुल 1,769 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 1,578 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, और 115 शेयर सपाट बंद हुए। इससे साफ है कि बाजार में तेजी चुनिंदा सेक्टरों और बड़े शेयरों तक ही अधिक सीमित थी।
बाजार में इस जबरदस्त उछाल के पीछे कौन से छह मुख्य कारण रहे?
विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार को मजबूत करने में निम्नलिखित छह प्रमुख की सबसे बड़ी भूमिका रही:
- मानसून: देश में हुई भारी बारिश से अच्छे मॉनसून की उम्मीदें फिर से जाग उठी हैं ।
- एफआईआई की खरीदारी: विदेशी संस्थागत निवेशक भारतीय बाजार में शुद्ध खरीदार बने हैं।
- संघर्ष विराम की उम्मीद: अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की उम्मीदों ने वैश्विक अनिश्चितता कम की।
- सस्ता कच्चा तेल: कच्चे तेल की कीमतें 72 डॉलर प्रति बैरल से नीचे गिर गई हैं।
- कम होती बॉन्ड यील्ड: बॉन्ड यील्ड में आई गिरावट ने इक्विटी बाजार को आकर्षक बनाया।
- दिग्गज शेयरों में लिवाली: हैवीवेट शेयरों में खरीदारी ने सूचकांकों को सीधे सहारा दिया।
किन खास सेक्टर्स और शेयरों में तेजी रही और कहां मुनाफावसूली दिखी?
सोमवार को बाजार की तेजी की अगुवाई मेटल और एनर्जी सेक्टरों ने की। व्यक्तिगत शेयरों में हिंडाल्को और ओएनजीसी के शेयर 3-3% से ज्यादा की बढ़त के साथ सबसे आगे रहे। सेक्टोरल स्तर पर निफ्टी ऑटो, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी ऑयल एंड गैस और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सूचकांकों में एक प्रतिशत से लेकर दो प्रतिशत तक की दमदार तेजी देखी गई। इसके विपरीत, बैंकिंग क्षेत्र में मुनाफावसूली देखने को मिली, जिससे निफ्टी पीएसयू बैंक सूचकांक करीब 1% की गिरावट के साथ बंद हुआ।
वैश्विक बाजारों के संकेतों ने इस तेजी में क्या भूमिका निभाई?
वैश्विक बाजारों के सकारात्मक रुख ने भी भारतीय बाजार को बल दिया। अमेरिकी बाजार में एसएंडपी 500 फ्यूचर्स 0.3% और नैस्डैक 100 फ्यूचर्स 0.8% चढ़े। एशियाई बाजारों में जापान का टोपिक्स सूचकांक 0.7% और हांगकांग का हैंगसेंग 0.8% की बढ़त के साथ बंद हुए। दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया के एसएंडपी/एएसएक्स 200 में 0.3% और एमएससीआई एशिया पैसिफिक इंडेक्स में 0.2% की गिरावट रही। हालांकि, भारतीय बाजार अपने मजबूत घरेलू कारणों के दम पर इस गिरावट से पूरी तरह अछूता रहा।
सोमवार को शेयर बाजार ने अच्छे मानसून की उम्मीद और कच्चे तेल की घटती कीमतों का पूरा लाभ उठाया। सेंसेक्स का 521 अंक बढ़ना और निफ्टी का 24,400 के पार बंद होना भारतीय बाजार में विदेशी निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है। आगे चलकर मानसून की प्रगति और कच्चे तेल की चाल ही बाजार के रुख को तय करेंगी।